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ग्रामीणों के समक्ष सड़क की कराई गई नापी
Updated Sun, 09 Sep 2018 11:08 PM IST
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सोनभद्र। कोन इलाके के चांचीकला में निर्माणाधीन पुल से नगतवार गांव के झारखंड सीमा तक बनाई जा रही सड़क के मामले का रविवार को पटाक्षेप कर दिया गया। मुआवजे की मांग को लेकर शुक्रवार की शाम ग्रामीणों ने सड़क निर्माण रोक दिया था। रविवार को तहसीलदार की मौजूदगी में ग्रामीणों से वार्ता के बाद सड़क की नापी कराई गई। लेखपाल द्वारा बताया गया कि जिस भूभाग पर सड़क का निर्माण कराया जा रहा है, वह नक्शे में पहले से सड़क के रूप में मौजूद है। इसके बाद सड़क निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया।
बताते चलें कि केंद्रीय सड़क निधि से बन रही सड़क को नकतवार के ग्रामीणों ने शुक्रवार की शाम यह कहते हुए रोक दिया था कि पुल के दूसरी तरफ सड़क निर्माण से पहले किसानों को मुआवजा दिया गया, लेकिन पुल के दूसरी तरफ से नकतवार के लिए जाने वाली सड़क निर्माण का अब तक कोई मुआवजा नहीं दिया गया है। कई बार एतराज के बाद भी संबंधित अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। शनिवार को कोन इंस्पेक्टर अंजनी मिश्रा ने मौके पर पहुंच कर ग्रामीणों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया था लेकिन ग्रामीण अपनी बात पर अड़े हुए थे। रविवार को भी कई ग्रामीणों ने तहसीलदार के निर्णय पर एतराज जताया। कहा कि काश्त की जमीन से सड़क ले जाई जा रही है। मुआवजा न देना पड़ा, इसलिए अब तक पहले से सड़क बताई जा रही है। इस संबंध में तहसीलदार विकास कुमार पांडेय ने कहा कि जब नक्शे में पहले से सड़क मौजूद है तो मुआवजा देने का सवाल ही नहीं उठता। अगर अब कोई सड़क निर्माण में अवरोध उत्पन्न करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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बताते चलें कि केंद्रीय सड़क निधि से बन रही सड़क को नकतवार के ग्रामीणों ने शुक्रवार की शाम यह कहते हुए रोक दिया था कि पुल के दूसरी तरफ सड़क निर्माण से पहले किसानों को मुआवजा दिया गया, लेकिन पुल के दूसरी तरफ से नकतवार के लिए जाने वाली सड़क निर्माण का अब तक कोई मुआवजा नहीं दिया गया है। कई बार एतराज के बाद भी संबंधित अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। शनिवार को कोन इंस्पेक्टर अंजनी मिश्रा ने मौके पर पहुंच कर ग्रामीणों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया था लेकिन ग्रामीण अपनी बात पर अड़े हुए थे। रविवार को भी कई ग्रामीणों ने तहसीलदार के निर्णय पर एतराज जताया। कहा कि काश्त की जमीन से सड़क ले जाई जा रही है। मुआवजा न देना पड़ा, इसलिए अब तक पहले से सड़क बताई जा रही है। इस संबंध में तहसीलदार विकास कुमार पांडेय ने कहा कि जब नक्शे में पहले से सड़क मौजूद है तो मुआवजा देने का सवाल ही नहीं उठता। अगर अब कोई सड़क निर्माण में अवरोध उत्पन्न करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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