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कागज पर ही अस्पतालों में पहुंचाई जा रही दवा
Updated Thu, 22 Feb 2018 10:48 PM IST
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सोनभद्र। राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरकेएसके) का सच जानने जिले में आई लखनऊ की टीम ने दवा वितरण में बड़े घपले का अंदेशा जताया है। टीम की मानें तो कई दवाएं कागज में ही कुछ अस्पतालों में पहुंचा दी जा रही हैं। बुधवार को जांच के दौरान महज दो कार्टून दवा की जांच में जो बातें सामने आई हैं उससे स्पष्ट हो रहा है कि दवा आपूर्ति में भारी गड़बड़ी हुई है। टीम इसकी रिपोर्ट शासन को भेजेगी।
लखनऊ से आए एनएचएम के डिप्टी जनरल मैनेजर डॉ. आनंद कुमार अग्रवाल ने बुधवार को दवा भंडार कक्ष पहुंचकर आयरन गोलियों के वितरण की पड़ताल की। डॉ. अग्रवाल के मुताबिक जिले में 10 से 19 आयु वर्ग में वितरण के लिए आयरन की 36000 नीली गोली भेजी गई थी। जब उन्होंने रजिस्टर चेक किया तो पता चला कि इसमें की 25 सौ गोली जिला अस्पताल को भेज दी गई है, जबकि वहां नहीं भेजा जाना था। हैरत वाली बात तब आई, जब उन्होंने दवा की गिनती की तो पता चला कि जिला अस्पताल में तो एक भी दवा नहीं गई। पूरी की पूरी दवा कार्टून में ही मौजूद है। सिर्फ कागज पर ही दवा पहुंचा दी गई है। डॉ. अग्रवाल ने अंदेशा जताया कि कागज पर इसी तरह दवाओं की इंट्री कर हेरफेर किया जा रहा है। जिला अस्पताल में जब-तब जीवन रक्षक दवाओं के टोटे के लिए भी उन्होंने हेरफेर को जिम्मेदार ठहराया। कहा कि उन्हें अंदेशा है कि दवा वितरण में बड़ा घपला किया जा रहा है। वह इसकी रिपोर्ट मिशन डायरेक्टर के जरिए शासन को भेजेंगे।
टीम ने उन्हें भी दवा न पहुंचने की जानकारी दी है। दवा वितरण भंडार कक्ष में किसी तरह की गड़बड़ी की कोई जानकारी नहीं दी है। न ही उनकी जानकारी में दवा भंडार गृह स्तर से कोई गड़बड़ी है। फिर भी वह रिपोर्ट का इंतजार करेंगे। रिपोर्ट में अन्य चीजों के साथ इस बात को इंगित किया गया तो वह उसकी भी जांच करवाएंगे।
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- डॉ. एसपी सिंह, सीएमओ, सोनभद्र।
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लखनऊ से आए एनएचएम के डिप्टी जनरल मैनेजर डॉ. आनंद कुमार अग्रवाल ने बुधवार को दवा भंडार कक्ष पहुंचकर आयरन गोलियों के वितरण की पड़ताल की। डॉ. अग्रवाल के मुताबिक जिले में 10 से 19 आयु वर्ग में वितरण के लिए आयरन की 36000 नीली गोली भेजी गई थी। जब उन्होंने रजिस्टर चेक किया तो पता चला कि इसमें की 25 सौ गोली जिला अस्पताल को भेज दी गई है, जबकि वहां नहीं भेजा जाना था। हैरत वाली बात तब आई, जब उन्होंने दवा की गिनती की तो पता चला कि जिला अस्पताल में तो एक भी दवा नहीं गई। पूरी की पूरी दवा कार्टून में ही मौजूद है। सिर्फ कागज पर ही दवा पहुंचा दी गई है। डॉ. अग्रवाल ने अंदेशा जताया कि कागज पर इसी तरह दवाओं की इंट्री कर हेरफेर किया जा रहा है। जिला अस्पताल में जब-तब जीवन रक्षक दवाओं के टोटे के लिए भी उन्होंने हेरफेर को जिम्मेदार ठहराया। कहा कि उन्हें अंदेशा है कि दवा वितरण में बड़ा घपला किया जा रहा है। वह इसकी रिपोर्ट मिशन डायरेक्टर के जरिए शासन को भेजेंगे।
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टीम ने उन्हें भी दवा न पहुंचने की जानकारी दी है। दवा वितरण भंडार कक्ष में किसी तरह की गड़बड़ी की कोई जानकारी नहीं दी है। न ही उनकी जानकारी में दवा भंडार गृह स्तर से कोई गड़बड़ी है। फिर भी वह रिपोर्ट का इंतजार करेंगे। रिपोर्ट में अन्य चीजों के साथ इस बात को इंगित किया गया तो वह उसकी भी जांच करवाएंगे।
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- डॉ. एसपी सिंह, सीएमओ, सोनभद्र।