{"_id":"5a37ff374f1c1b76678c2473","slug":"41513619255-sonebhadra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दुद्धी बार में हुए कार्य की होगी तकनीकी जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दुद्धी बार में हुए कार्य की होगी तकनीकी जांच
Updated Mon, 18 Dec 2017 11:17 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोनभद्र। डीएम पीके उपाध्याय ने कहा कि सांसद निधि से कराए गए कार्यों का स्थलीय तकनीकी जांच परियोजना निदेशक डीआरडीए तकनीकी टीम के साथ करेंगे। कमियां पाये जाने पर कार्यदायी संस्था के खिलाफ जिम्मेदारी तय करेंगे।
वह कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को सांसद निधि की समीक्षा कर रहे थे। पाया कि कार्यदायी संस्था समाज कल्याण निगम जहां एक ओर ज्यादा काम लिये हुए हैं, वहीं उसके इंजीनियर जिले में नहीं रहते और मनमाने तरीके से गैर हाजिर रहते हैं। उन्होंने दुद्धी बार सभागार परिसर में इंटरलाकिंग का कार्य मानक के विपरीत कराये जाने के परियोजना निदेशक के रिपोर्ट पर तत्काल तकनीकी जांच कराने के आदेश दिए। कहा कि दुद्धी बार परिसर में स्टीमेट से हटकर की गई गलती की तकनीकी जांच कराई जाए और जरूरत पड़ने पर लापरवाह कार्यदायी संस्था समाज कल्याण निर्माण निगम के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के साथ ही संबंधितों से वसूली की भी कार्यवाही सुनिश्चित कराई जाए। सीडीओ एवं पीडी को सांसद निधि का कार्य पूरे गुणवत्ता के साथ कराये जाने पर जोर दिया। समाज कल्याण निर्माण निगम की खराब कारगुजारी के संबंध में जिलाधिकारी स्तर से प्रमुख सचिव समाज कल्याण को पत्र भेजने के साथ ही अन्य प्रभावी कार्यवाही करने की बात कही। समीक्षा बैठक में सीडीओ रामाश्रय, पीडी एनएन मिश्रा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
वह कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को सांसद निधि की समीक्षा कर रहे थे। पाया कि कार्यदायी संस्था समाज कल्याण निगम जहां एक ओर ज्यादा काम लिये हुए हैं, वहीं उसके इंजीनियर जिले में नहीं रहते और मनमाने तरीके से गैर हाजिर रहते हैं। उन्होंने दुद्धी बार सभागार परिसर में इंटरलाकिंग का कार्य मानक के विपरीत कराये जाने के परियोजना निदेशक के रिपोर्ट पर तत्काल तकनीकी जांच कराने के आदेश दिए। कहा कि दुद्धी बार परिसर में स्टीमेट से हटकर की गई गलती की तकनीकी जांच कराई जाए और जरूरत पड़ने पर लापरवाह कार्यदायी संस्था समाज कल्याण निर्माण निगम के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के साथ ही संबंधितों से वसूली की भी कार्यवाही सुनिश्चित कराई जाए। सीडीओ एवं पीडी को सांसद निधि का कार्य पूरे गुणवत्ता के साथ कराये जाने पर जोर दिया। समाज कल्याण निर्माण निगम की खराब कारगुजारी के संबंध में जिलाधिकारी स्तर से प्रमुख सचिव समाज कल्याण को पत्र भेजने के साथ ही अन्य प्रभावी कार्यवाही करने की बात कही। समीक्षा बैठक में सीडीओ रामाश्रय, पीडी एनएन मिश्रा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन