{"_id":"61e0695a89a77455a32d47b5","slug":"41-5-thousand-tonnes-of-coal-seized-eight-transporters-sued-sonbhadra-news-vns633404820","type":"story","status":"publish","title_hn":"41.5 हजार टन कोयला जब्त, आठ ट्रांसपोर्टरों पर मुकदमा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
41.5 हजार टन कोयला जब्त, आठ ट्रांसपोर्टरों पर मुकदमा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले से सटे मध्यप्रदेश के सिंगरौली में बृहस्पतिवार को अवैध कोयला भंडारण पर बड़ी कार्रवाई से ऊर्जांचल में हड़कंप मच गया। संयुक्त कार्रवाई में 41 हजार पांच सौ टन कोयले को प्रशासन ने जब्त कर लिया। इस मामले में यूपी और एमपी क्षेत्र के आठ बड़े ट्रांसपोर्टरों के खिलाफ केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
अवैध कोयला भंडारण और इससे पैदा प्रदूषण को लेकर काफी समय से शिकायत आ रही थी। मामले को स्थानीय अधिकारी अपने स्तर से संरक्षण देते हुए दबाते रहे। मामला संज्ञान में आने के बाद डीएम राजीव रंजन मीना ने टीम गठित की। टीम चितरंगी तहसील के नौढ़िया इलाके में बृहस्पतिवार पूरे दिन कार्रवाई की। इस दौरान क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर मौजूद शासकीय, एनसीएल व निजी भूमि पर बिना अनुमति भंडार किए 41 हजार पांच सौ टन कोयला प्रशासन ने जब्त कर लिया। एसडीएम चितरंगी नीलेश शर्मा ने बताया कि कार्रवाई डीएम के निर्देश पर की गई। इस टीम में प्रशासन, पुलिस, राजस्व, रेलवे व एनसीएल के अधिकारी शामिल रहे। बताया जा रहा है कि अवैध भंडारण के जरिए कोयला ट्रांसपोर्टर बड़ा खेल रहे थे। भंडारण के कोयले में मिलावट और हेराफेरी कर रेल रैक के जरिए देश के विभिन्न हिस्सों में भेजा जाता था। शुुरूआती जांच में यह भी उजागर हुआ कि इस पूरे कारोबार को जिम्मेदारों का संरक्षण मिलता रहा है।
कार्रवाई के जद में आए ट्रांसपोर्टर
कार्रवाई के जद में आए बड़े ट्रांसपोर्टरों में स्वामी फ्यूल, मालिक ट्रांसपोर्ट, आरकेटीसी, महावीर गैलेंट इस्पात लि., संगीता सेल्स, रिमार्क रिसोर्सेज इनोसेन्ट ट्रेडर्स लि. आदि शामिल हैं।अवैध भंडारण के विरुद्ध मप्र अवैध खनन , परिवहन तथा भंडारण निवारण नियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई के लिए प्रकरण डीएम कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत कर दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
अवैध कोयला भंडारण और इससे पैदा प्रदूषण को लेकर काफी समय से शिकायत आ रही थी। मामले को स्थानीय अधिकारी अपने स्तर से संरक्षण देते हुए दबाते रहे। मामला संज्ञान में आने के बाद डीएम राजीव रंजन मीना ने टीम गठित की। टीम चितरंगी तहसील के नौढ़िया इलाके में बृहस्पतिवार पूरे दिन कार्रवाई की। इस दौरान क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर मौजूद शासकीय, एनसीएल व निजी भूमि पर बिना अनुमति भंडार किए 41 हजार पांच सौ टन कोयला प्रशासन ने जब्त कर लिया। एसडीएम चितरंगी नीलेश शर्मा ने बताया कि कार्रवाई डीएम के निर्देश पर की गई। इस टीम में प्रशासन, पुलिस, राजस्व, रेलवे व एनसीएल के अधिकारी शामिल रहे। बताया जा रहा है कि अवैध भंडारण के जरिए कोयला ट्रांसपोर्टर बड़ा खेल रहे थे। भंडारण के कोयले में मिलावट और हेराफेरी कर रेल रैक के जरिए देश के विभिन्न हिस्सों में भेजा जाता था। शुुरूआती जांच में यह भी उजागर हुआ कि इस पूरे कारोबार को जिम्मेदारों का संरक्षण मिलता रहा है।
विज्ञापन
कार्रवाई के जद में आए ट्रांसपोर्टर
कार्रवाई के जद में आए बड़े ट्रांसपोर्टरों में स्वामी फ्यूल, मालिक ट्रांसपोर्ट, आरकेटीसी, महावीर गैलेंट इस्पात लि., संगीता सेल्स, रिमार्क रिसोर्सेज इनोसेन्ट ट्रेडर्स लि. आदि शामिल हैं।अवैध भंडारण के विरुद्ध मप्र अवैध खनन , परिवहन तथा भंडारण निवारण नियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई के लिए प्रकरण डीएम कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत कर दिया गया।
विज्ञापन