{"_id":"fb0a804a1eff1bea0e9918b4d35329ab","slug":"3d-scanner-technology-will-soon-use-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"3 डी स्कैनर तकनीक का जल्द होगा प्रयोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
3 डी स्कैनर तकनीक का जल्द होगा प्रयोग
अमर उजाला ब्यूरो, सोनभद्र
Updated Thu, 29 Oct 2015 11:22 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एनसीएल आने वाले समय में सरपैक, 3डी लेजर स्कैनर, डीजल की चोरी रोकने हेतु अलग से आनलाइन फ्यूल मैनेजमेंट सिस्टम, आनलाइन रिक्रूटमेंट प्रोसेस, पूरी कंपनी की जियोफेंसिंस किए जाने जैसी तकनीक का इस्तेमाल करेगी। यह जानकारी गुरुवार को एनसीएल के मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ) केपी वेंकटेश्वर राव ने कंपनी मुख्यालय स्थित केंद्रीय उत्खनन प्रशिक्षण संस्थान (सीईटीआई) में एनसीएल में 'आईटी को बढ़ावा दिए जाने के लिए उठाए गए कदम विषय पर आयोजित व्याख्यान में दी।
कहा कि देश में सार्वजनिक क्षेत्र की उन चुनिंदा कंपनियों में शामिल हो गई है, जहां पारदर्शिता एवं कार्यक्षमता में बढ़ोतरी के लिए सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) का बेहतर उपयोग किया जा रहा है। बताया कि फिलहाल आईटी के क्षेत्र में तेजी से कदम बढ़ाते हुए एनसीएल ने आनलाइन टेंडरिंग प्रक्रिया ई-टेंडरिंग, ई-प्रोक्योरमेंट पूरी तरह लागू कर दी है, जो सफलतापूर्वक चल रही है। कंपनी की कई परियोजनाओं में मशीनों के कार्यकलाप पर नजर रखने के लिए ऑपरेटर इंडिपेंडेंट ट्रक डिस्पैच सिस्टम (ओआईटीडीएस) प्रणाली कार्य कर रही है।
कोयला परिवहन में लगे ट्रकों पर जीपीएस आधारित व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम के जरिए निगरानी रखी जा रही है। वे-ब्रिज एवं बूम बैरियर पर भी आरएफ आईडी एवं जीपीएस की मदद से कोयला से लदे ट्रकों का वजन किया जा रहा है और उन पर निगरानी रखी जा रही है। कोल परिवहन में लगे ट्रकों के रूट की जियोफेंसिंग भी की गई है। कंपनी में 550 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनके जरिये हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। कंपनी में आनलाइन बिल ट्रैकिंग सिस्टम एवं आनलाइन फाइल ट्रैकिंग सिस्टम भी सुचारु रूप से चल रहा है।
विज्ञापन
एनसीएल में पहली बार कोलनेट नामक ईआरपी का इस्तेमाल शुरू किया गया है और आने वाले दिनों में इस ईआरपी की मदद से कंपनी में विभिन्न विभागों के कामकाज एवं सॉफ्टकापी में रिकार्ड दुरुस्त करने में काफी मदद मिलेगी। इस व्याख्यान के बाद भ्रष्टाचार निरोधक कानून से संबंधित विषय पर सीबीआई जबलपुर के एंटी करप्शन ब्रांच के डिप्टी एसपी एम राजा ने अपना व्याख्यान दिया। एनसीएल के पूर्व निदेशक (तकनीकी/संचालन) एडी माथुर ने अपने व्याख्यान में टेंडरिंग प्रक्रिया के दौरान बरते जाने वाली सावधानियों से अवगत कराया।
विज्ञापन
कहा कि देश में सार्वजनिक क्षेत्र की उन चुनिंदा कंपनियों में शामिल हो गई है, जहां पारदर्शिता एवं कार्यक्षमता में बढ़ोतरी के लिए सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) का बेहतर उपयोग किया जा रहा है। बताया कि फिलहाल आईटी के क्षेत्र में तेजी से कदम बढ़ाते हुए एनसीएल ने आनलाइन टेंडरिंग प्रक्रिया ई-टेंडरिंग, ई-प्रोक्योरमेंट पूरी तरह लागू कर दी है, जो सफलतापूर्वक चल रही है। कंपनी की कई परियोजनाओं में मशीनों के कार्यकलाप पर नजर रखने के लिए ऑपरेटर इंडिपेंडेंट ट्रक डिस्पैच सिस्टम (ओआईटीडीएस) प्रणाली कार्य कर रही है।
विज्ञापन
कोयला परिवहन में लगे ट्रकों पर जीपीएस आधारित व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम के जरिए निगरानी रखी जा रही है। वे-ब्रिज एवं बूम बैरियर पर भी आरएफ आईडी एवं जीपीएस की मदद से कोयला से लदे ट्रकों का वजन किया जा रहा है और उन पर निगरानी रखी जा रही है। कोल परिवहन में लगे ट्रकों के रूट की जियोफेंसिंग भी की गई है। कंपनी में 550 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनके जरिये हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। कंपनी में आनलाइन बिल ट्रैकिंग सिस्टम एवं आनलाइन फाइल ट्रैकिंग सिस्टम भी सुचारु रूप से चल रहा है।
विज्ञापन
एनसीएल में पहली बार कोलनेट नामक ईआरपी का इस्तेमाल शुरू किया गया है और आने वाले दिनों में इस ईआरपी की मदद से कंपनी में विभिन्न विभागों के कामकाज एवं सॉफ्टकापी में रिकार्ड दुरुस्त करने में काफी मदद मिलेगी। इस व्याख्यान के बाद भ्रष्टाचार निरोधक कानून से संबंधित विषय पर सीबीआई जबलपुर के एंटी करप्शन ब्रांच के डिप्टी एसपी एम राजा ने अपना व्याख्यान दिया। एनसीएल के पूर्व निदेशक (तकनीकी/संचालन) एडी माथुर ने अपने व्याख्यान में टेंडरिंग प्रक्रिया के दौरान बरते जाने वाली सावधानियों से अवगत कराया।