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महिला संविदा कर्मियों का बढ़ा आक्रोश
Updated Wed, 11 Jul 2018 10:48 PM IST
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अनपरा। रोजगार वापस दिलाए जाने की मांग को लेकर परियोजना मुख्य द्वार पर महिला संविदा कर्मियों का धरना बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रहा । परियोजना में काम करने वाली आउट सोर्सिंग कम्पनी से निकाले जाने के बाद से ये महिलायें रोजगार की मांग को लेकर धरना दे रही हैं।
अनपरा डी परियोजना में संविदा के तहत कार्य करा रही आउट सोर्सिंग आका कंपनी ने बीते दिनों 13 महिला श्रमिकों को बिना कारण बताए कार्य से निकाल दिया था। महिला श्रमिकों ने पहले तो परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक को पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई थी लेकिन कोई पहल नहीं हुई। इससे तंग आकर महिला श्रमिक मंगलवार को परियोजना के मुख्य द्वार पर धरने पर बैठ गई। इनका धरना बुधवार को दूसरे दिन भी चला। धरनारत महिलाओं ने कहा कि पिछले एक सप्ताह से उपश्रमायुक्त पिपरी, अनपरा परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक, थानाध्यक्ष अनपरा के माध्यम से न्याय की गुहार लगाई जा रही है लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। आंका कम्पनी के प्रतिनिधि ने पांच जुलाई को दो दिन के अंदर ड्यूटी पर वापस लेने का आश्वासन भी दिया लेकिन उन्हें अभी तक काम नहीं दिया गया। इससे उनमें आक्रोश है। धरना शुरू होने के बाद मजदूरों के विभिन्न संगठनों ने भी महिलाओं के आंदोलन का समर्थन देना शुरू कर दिया है। महिलाओं ने कहा कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिल जाता, धरना जारी रहेगा। इस मौके पर लखपतिया, सजदनिशा, जुगवा देवी, देवमती, कांति देवी, शिलादेवी, नीलम, सावित्री, लालमती, फूलमति, किस्मतिया, राजमणी, महिला मंडल की नीलम आदि उपस्थित रहीं ।
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अनपरा डी परियोजना में संविदा के तहत कार्य करा रही आउट सोर्सिंग आका कंपनी ने बीते दिनों 13 महिला श्रमिकों को बिना कारण बताए कार्य से निकाल दिया था। महिला श्रमिकों ने पहले तो परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक को पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई थी लेकिन कोई पहल नहीं हुई। इससे तंग आकर महिला श्रमिक मंगलवार को परियोजना के मुख्य द्वार पर धरने पर बैठ गई। इनका धरना बुधवार को दूसरे दिन भी चला। धरनारत महिलाओं ने कहा कि पिछले एक सप्ताह से उपश्रमायुक्त पिपरी, अनपरा परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक, थानाध्यक्ष अनपरा के माध्यम से न्याय की गुहार लगाई जा रही है लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। आंका कम्पनी के प्रतिनिधि ने पांच जुलाई को दो दिन के अंदर ड्यूटी पर वापस लेने का आश्वासन भी दिया लेकिन उन्हें अभी तक काम नहीं दिया गया। इससे उनमें आक्रोश है। धरना शुरू होने के बाद मजदूरों के विभिन्न संगठनों ने भी महिलाओं के आंदोलन का समर्थन देना शुरू कर दिया है। महिलाओं ने कहा कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिल जाता, धरना जारी रहेगा। इस मौके पर लखपतिया, सजदनिशा, जुगवा देवी, देवमती, कांति देवी, शिलादेवी, नीलम, सावित्री, लालमती, फूलमति, किस्मतिया, राजमणी, महिला मंडल की नीलम आदि उपस्थित रहीं ।
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