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लऊवा नदी सूखी, सिंचाई के लिए नहीं मिलेगा पानी
Updated Tue, 06 Mar 2018 11:28 PM IST
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दुद्धी (सोनभद्र)। तहसील क्षेत्र में स्थित बीड़र गांव के पास स्थित लऊवा नदी पूरी तरह से सूख गई है। इससे किसानों के समक्ष सिंचाई का संकट खड़ा हो गया है। किसान नदी में ही जगह-जगह जेसीबी से खुदाई करा रहे हैं ताकि कुछ पानी आ जाए तो खेतों की सिंचाई की जा सके। भूगर्भ जल स्तर भी खिसक गया है, जिससे पेयजल की समस्या भी खड़ी हो गई है।
गर्मी के दस्तक देते ही क्षेत्र में जल संकट गहराने लगा है। लऊवा नदी पूरी तरह से सूख गई है। नदी के तटीय इलाकों में रहने वाले किसानों के माथे पर शिकन आ गई है। किसान चिंतित हैं कि वे अपने खेतों में सिंचाई पूर्ण रूप से नही कर सकेंगे। कुछ किसान विकल्प के तौर पर लऊवा नदी में जगह-जगह जेसीबी से कुआं खुदवाकर सिंचाई कार्य में लगे हुए हैं। मार्च में ही नदी के सूखने से जल संकट गहराने लगा है। लोगों को पीने के पानी की समस्या उत्पन्न होने लगी है। ग्रामीण इलाकों में हैंडपंपों ने साथ देना बंद कर दिया है। क्षेत्र के राज किशोर, रामफल, राकेश, श्यामजी, बृज किशोर, राम औतार, नान्हू का कहना है कि पानी का संकट अप्रैल मई में ज्यादा बढ़े, इससे पहले ही जिला प्रशासन को कोई वैकल्पिक व्यवस्था करना चाहिए। यदि ऐसा नहीं हुआ तो लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ेेगी।
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गर्मी के दस्तक देते ही क्षेत्र में जल संकट गहराने लगा है। लऊवा नदी पूरी तरह से सूख गई है। नदी के तटीय इलाकों में रहने वाले किसानों के माथे पर शिकन आ गई है। किसान चिंतित हैं कि वे अपने खेतों में सिंचाई पूर्ण रूप से नही कर सकेंगे। कुछ किसान विकल्प के तौर पर लऊवा नदी में जगह-जगह जेसीबी से कुआं खुदवाकर सिंचाई कार्य में लगे हुए हैं। मार्च में ही नदी के सूखने से जल संकट गहराने लगा है। लोगों को पीने के पानी की समस्या उत्पन्न होने लगी है। ग्रामीण इलाकों में हैंडपंपों ने साथ देना बंद कर दिया है। क्षेत्र के राज किशोर, रामफल, राकेश, श्यामजी, बृज किशोर, राम औतार, नान्हू का कहना है कि पानी का संकट अप्रैल मई में ज्यादा बढ़े, इससे पहले ही जिला प्रशासन को कोई वैकल्पिक व्यवस्था करना चाहिए। यदि ऐसा नहीं हुआ तो लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ेेगी।
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