{"_id":"5a8b01524f1c1b3c718b5c12","slug":"31519059282-sonebhadra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मांग पूरी न होने पर आज से होगी भूख हड़ताल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मांग पूरी न होने पर आज से होगी भूख हड़ताल
Updated Mon, 19 Feb 2018 10:24 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ओबरा। संविदा श्रमिकों के समायोजन की मांग को लेकर भारतीय संविदा श्रमिक संगठन का क्रमिक धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। सोमवार को क्रमिक अनशन पर महेंद्र राम, कृष्णा रावत, राम दुलारे, बटेश्वर और राम बहाली रहे। मजदूरों ने मंडलीय कार्यालय संकुल ब ताप विद्युत गृह के मुख्य गेट पर हाथों में तख्तियों को लेकर प्रदर्शन किया। चेताया कि मांग पूरी नहीं हुई तो मंगलवार से बेमियाद आमरण अनशन शुरू कर दिया जाएगा।
धरने का नेतृत्त्व कर रहे श्रमिक संगठन के अध्यक्ष मणिशंकर पाठक ने कहा कि 72 घंटे के बाद भी 41 संविदा श्रमिकों के समायोजन की स्थिति परियोजना प्रशासन नहीं स्पष्ट करती है तो 20 फरवरी से क्रमिक अनशन अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल में तब्दील हो जाएगा। मजदूर नेता जमुना प्रसाद ने कहा कि आठ माह पहले कामगारों को निकाल दिया गया, लेकिन अदेय भुगतान अब तक नहीं कराया गया। कहा कि परियोजना प्रशासन कामगारों के जानमाल की क्षति पहुंचाकर आर्थिक और मानसिक तौर पर प्रताड़ना देने की साजिश कर रहा है। संगठन ने चेताया कि बेमियादी भूख हड़ताल के दौरान किसी भी कामगार को क्षति पहुंची तो जिम्मेदार परियोजना के अधिकारी होगें। धरना प्रदर्शन के समर्थन में छोटू तिवारी, सुनील जायसवाल, आसिफ खान, परवेज अहमद, गोपाल यादव, जय शुक्ला, रवि बग्गा, नागेंद्र चौहान, जयशंकर पाठक, दीनानाथ चंद्रवंशी, सुरेंद्र कुमार, संतोष गुप्ता, भारत पांडेय, मुलायम यादव, प्रेम प्रकाश, रामेश्वर, मोहम्मद इस्लाम, घनश्याम पांडेय मौजूद रहे।
विज्ञापन
धरने का नेतृत्त्व कर रहे श्रमिक संगठन के अध्यक्ष मणिशंकर पाठक ने कहा कि 72 घंटे के बाद भी 41 संविदा श्रमिकों के समायोजन की स्थिति परियोजना प्रशासन नहीं स्पष्ट करती है तो 20 फरवरी से क्रमिक अनशन अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल में तब्दील हो जाएगा। मजदूर नेता जमुना प्रसाद ने कहा कि आठ माह पहले कामगारों को निकाल दिया गया, लेकिन अदेय भुगतान अब तक नहीं कराया गया। कहा कि परियोजना प्रशासन कामगारों के जानमाल की क्षति पहुंचाकर आर्थिक और मानसिक तौर पर प्रताड़ना देने की साजिश कर रहा है। संगठन ने चेताया कि बेमियादी भूख हड़ताल के दौरान किसी भी कामगार को क्षति पहुंची तो जिम्मेदार परियोजना के अधिकारी होगें। धरना प्रदर्शन के समर्थन में छोटू तिवारी, सुनील जायसवाल, आसिफ खान, परवेज अहमद, गोपाल यादव, जय शुक्ला, रवि बग्गा, नागेंद्र चौहान, जयशंकर पाठक, दीनानाथ चंद्रवंशी, सुरेंद्र कुमार, संतोष गुप्ता, भारत पांडेय, मुलायम यादव, प्रेम प्रकाश, रामेश्वर, मोहम्मद इस्लाम, घनश्याम पांडेय मौजूद रहे।
विज्ञापन