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Sonebhadra News: साढ़े आठ माह में 31 रोजगार मेला, 2155 युवाओं का चयन
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सेवायोजन विभाग की तरफ से हर माह लगने वाले रोजगार मेले में युवाओं को रोजगार देने के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हो रही है। कम पारिश्रमिक मिलने की वजह से भी करीब 40 प्रतिशत युवा रोजगार मेला में चयन के बाद भी बाहर जाने को तैयार नहीं है।
इस वजह से भी जिले में बेरोजगारों की फौज खड़ी हो गई है। विभाग में पंजीकरण कराए कुल 20654 अभ्यर्थियों में से 15462 युवा (पुरुष) बेरोजगार हैं। बेरोजगार महिलाओं की संख्या 5192 हैं, जो सेवायोजन विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण कराकर रोजगार की आस लगाए हुए हैं।
विभागीय अधिकारियों की मानें तो एक जनवरी से 17 सितंबर के बीच सेवायोजन विभाग की तरफ कुल 31 रोजगार मेला का आयोजन कराया गया। इसमें पंजीकरण कराए 5575 अभ्यर्थियों ने प्रतिभाग किया। इसमें से सिर्फ 2155 अभ्यर्थियों का ही रोजगार के लिए चयन हुआ है।
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यह संख्या तब है, जब साल की शुरुआत में सेवायोजन विभाग के साथ ही आईटीआई कॉलेज और कौशल विकास मिशन की तरफ से ब्लॉक स्तर पर रोजगार मेला आयोजित किए जा रहे थे। रोजगार मेला में शामिल होने के बाद भी 3420 अभ्यर्थी रोजगार से वंचित रह गए।
रोजगार मेला में चयन होने के बाद भी करीब 40 प्रतिशत युवा इसलिए भी रोजगार से वंचित हो जाते हैं, क्योंकि उनका चयन करने वाली कंपनी प्रदेश के बाहर की होती है। हाल ही में गुजरात की कंपनी में चयनित कई अभ्यर्थी कम मानदेय मिलने की वजह से वहां से लौट आए।
एक जनवरी से 17 सितंबर तक 1378 युवाओं ने ही पंजीकरण कराया है। इसमें 1115 पुरुष और 263 महिला बेरोजगार पंजीकरण कराए हैं। पहले पंजीकरण कराने वाले युवाओं की संख्या दो हजार के करीब था।
लॉकडाउन में 18 हजार युवा आए थे घर
कोरोना महामारी के दौरान लगे लॉकडाउन में दूसरे प्रदेशों में काम रह रहे 18 हजार से अधिक युवा घर वापसी किए थे। तब मनरेगा में काम करने वाले युवाओं की संख्या में इजाफा हुआ था। लगातार काम न मिलने से बड़ी संख्या में युवा दूसरे प्रांतों में जाकर दो वक्त की रोटी के लिए काम करने को विवश हैं।
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इस वजह से भी जिले में बेरोजगारों की फौज खड़ी हो गई है। विभाग में पंजीकरण कराए कुल 20654 अभ्यर्थियों में से 15462 युवा (पुरुष) बेरोजगार हैं। बेरोजगार महिलाओं की संख्या 5192 हैं, जो सेवायोजन विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण कराकर रोजगार की आस लगाए हुए हैं।
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विभागीय अधिकारियों की मानें तो एक जनवरी से 17 सितंबर के बीच सेवायोजन विभाग की तरफ कुल 31 रोजगार मेला का आयोजन कराया गया। इसमें पंजीकरण कराए 5575 अभ्यर्थियों ने प्रतिभाग किया। इसमें से सिर्फ 2155 अभ्यर्थियों का ही रोजगार के लिए चयन हुआ है।
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यह संख्या तब है, जब साल की शुरुआत में सेवायोजन विभाग के साथ ही आईटीआई कॉलेज और कौशल विकास मिशन की तरफ से ब्लॉक स्तर पर रोजगार मेला आयोजित किए जा रहे थे। रोजगार मेला में शामिल होने के बाद भी 3420 अभ्यर्थी रोजगार से वंचित रह गए।
रोजगार मेला में चयन होने के बाद भी करीब 40 प्रतिशत युवा इसलिए भी रोजगार से वंचित हो जाते हैं, क्योंकि उनका चयन करने वाली कंपनी प्रदेश के बाहर की होती है। हाल ही में गुजरात की कंपनी में चयनित कई अभ्यर्थी कम मानदेय मिलने की वजह से वहां से लौट आए।
एक जनवरी से 17 सितंबर तक 1378 युवाओं ने ही पंजीकरण कराया है। इसमें 1115 पुरुष और 263 महिला बेरोजगार पंजीकरण कराए हैं। पहले पंजीकरण कराने वाले युवाओं की संख्या दो हजार के करीब था।
लॉकडाउन में 18 हजार युवा आए थे घर
कोरोना महामारी के दौरान लगे लॉकडाउन में दूसरे प्रदेशों में काम रह रहे 18 हजार से अधिक युवा घर वापसी किए थे। तब मनरेगा में काम करने वाले युवाओं की संख्या में इजाफा हुआ था। लगातार काम न मिलने से बड़ी संख्या में युवा दूसरे प्रांतों में जाकर दो वक्त की रोटी के लिए काम करने को विवश हैं।