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पहले भी हो चुकी हैं बालाकोट सरीखी सर्जिकल स्ट्राइक: योगेंद्र
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सोनभद्र। स्वराज इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रोफेसर योगेंद्र यादव ने कहा कि भाजपा बालाकोट में हुई सर्जिकल स्ट्राइक का राजनीतिकरण कर चुनावी फायदा उठा रही है। जबकि इससे पहले भी भारतीय सेना की तरफ से कई सर्जिकल स्ट्राइक हो चुकी हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि उन्हें घोषित कर राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल नहीं किया गया। वह शुक्रवार की दोपहर स्वराज इंडिया के जिला कार्यालय पर पत्रकारों से मुखातिब थे।
कहा कि चुनाव की स्थिति यह साफ करेगी कि जनता नए विकल्प के लिए किस रूप में आगे बढ़ रही है। भाजपा के राष्ट्रवाद को छद्म राष्ट्रवाद बताते हुए कहा कि हम एक दीर्घकालिक विकल्प खड़ा कर रहे हैं। कोई भी विकल्प का रास्ता बिना प्रयास के सफल नहीं होता। राष्ट्रवाद के मसले पर कहा कि भारत का राष्ट्रवाद सकारात्मक है। बाकी दुनिया से जोड़ने वाला है। हिंदू-मुस्लिम एकता का परिचायक है। जातीय नहीं है जबकि भाजपा का राष्ट्रवाद एक तरह से राष्ट्रवाद के खिलाफ साजिश है। यह नकारात्मक है और युद्धोन्माद की तरफ ले जाने वाला है। कहा कि बालाकोट की घटना को पहला सर्जिकल स्ट्राइक बताया जा रहा है।जबकि पिछले 15 साल में इस तरह की दस स्ट्राइक हो चुकी है। इसके जरिए भाजपा सैनिक अभियान का राजनीतिकरण कर रही हे। फौज-राजनीति को जोड़ने की कोशिश हो रही है, जो देश के लिए नुकसानदेह है। इसके बाद शाम चार बजे रामलीला मैदान में सभा को संबोधित कर भी भाजपा पर निशाना साधा। कहा कि जनता तेजी से बदलाव की तरफ बढ़ रही है। चुनाव बाद काफी कुछ तस्वीर साफ हो जाएगी। राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य अखिलेंद्र प्रताप सिंह, पूर्व आईजी आरएस दारापुरी, स्वराज अभियान नेता दिनकर कपूर आदि नेकहा कि यहां का चुुनाव क्षेत्रीय मुद्दों पर लड़ा जा रहा है। इसमें आदिवासियों को वनाधिकार के तहत जमीन का अधिकार, कोल को आदिवासी का दर्जा, ठेका मजदूरों को पक्की नौकरी जैसे मुद्दे प्रमुख हैं।
कहा कि चुनाव की स्थिति यह साफ करेगी कि जनता नए विकल्प के लिए किस रूप में आगे बढ़ रही है। भाजपा के राष्ट्रवाद को छद्म राष्ट्रवाद बताते हुए कहा कि हम एक दीर्घकालिक विकल्प खड़ा कर रहे हैं। कोई भी विकल्प का रास्ता बिना प्रयास के सफल नहीं होता। राष्ट्रवाद के मसले पर कहा कि भारत का राष्ट्रवाद सकारात्मक है। बाकी दुनिया से जोड़ने वाला है। हिंदू-मुस्लिम एकता का परिचायक है। जातीय नहीं है जबकि भाजपा का राष्ट्रवाद एक तरह से राष्ट्रवाद के खिलाफ साजिश है। यह नकारात्मक है और युद्धोन्माद की तरफ ले जाने वाला है। कहा कि बालाकोट की घटना को पहला सर्जिकल स्ट्राइक बताया जा रहा है।जबकि पिछले 15 साल में इस तरह की दस स्ट्राइक हो चुकी है। इसके जरिए भाजपा सैनिक अभियान का राजनीतिकरण कर रही हे। फौज-राजनीति को जोड़ने की कोशिश हो रही है, जो देश के लिए नुकसानदेह है। इसके बाद शाम चार बजे रामलीला मैदान में सभा को संबोधित कर भी भाजपा पर निशाना साधा। कहा कि जनता तेजी से बदलाव की तरफ बढ़ रही है। चुनाव बाद काफी कुछ तस्वीर साफ हो जाएगी। राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य अखिलेंद्र प्रताप सिंह, पूर्व आईजी आरएस दारापुरी, स्वराज अभियान नेता दिनकर कपूर आदि नेकहा कि यहां का चुुनाव क्षेत्रीय मुद्दों पर लड़ा जा रहा है। इसमें आदिवासियों को वनाधिकार के तहत जमीन का अधिकार, कोल को आदिवासी का दर्जा, ठेका मजदूरों को पक्की नौकरी जैसे मुद्दे प्रमुख हैं।
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