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जिले में लगेगी सोलर पैनल निर्माण फैक्ट्री
Updated Mon, 25 Jun 2018 10:28 PM IST
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सोनभद्र। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए जल्द ही जिले में सोलर पैनल निर्माण के लिए फैक्ट्री स्थापित होगी। यह फैक्ट्री जिला खनिज निधि से स्थापित कराई जाएगी। इसको लेकर योजना तैयार कर ली गई है। फैक्ट्री के उत्पादित सोलर पैनल को बाजार में सोन उजाला के नाम पर लाया जाएगा।
जिला प्रशासन ने सौर उर्जा को बढ़ावा देने के लिए नई पहल शुरू की है। जिले में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, आईआईटी मुंबई के साथ मिलकर सोलर लैंप का निर्माण करा रहा है। इसमें आजीविका मिशन से जुड़े समूह की महिलाएं प्रशिक्षण लेकर सोलर लैंप का निर्माण करा रही हैं। यही लैंप परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को दिया जा रहा है। अब प्रशासन ने सोलर लैंप से जुड़े एक पार्ट पैनल का निर्माण स्थानीय स्तर पर कराने का निर्णय लिया है। फिलहाल निर्माण के लिए जगह का चयन नहीं किया गया है। फैक्ट्री निर्माण में आने वाला खर्च जिला खनिज निधि से किया जाएगा। इसको लेकर प्रशासनिक स्तर पर रणनीति भी तय की जा चुकी है। सीडीओ सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि जिले में करीब 2700 समूह हैं जिसमें हजारों महिलाएं कार्य कर रही हैं। एक सोलर लैंप बनाने में एक महिला को 12 रुपये मिलता है। सोलर लैंप बनाकर महिलाओं के इन समूहों ने अब तक करीब एक करोड़ रुपये की आमदनी की है। अब उन्हीं महिलाओं को प्रशिक्षित कर सोलर पैनल का निर्माण कराया जाएगा। इस उत्पाद को सोन उजाला के नाम से बाजार में लाया जाएगा। आईआईटी मुंबई अन्य पार्ट देती रहेगी। सोलर पैनल की फैक्ट्री स्थापित करने के बाद सोलर स्कूल खोले जाएंगे। इसके तहत सौर उर्जा से ही मिड डे मील, बिजली, पानी आदि के कार्य होंगे।
सोलर पैनल के लिए आईआईटी मुंबई तैयार करेगी स्टीमेट
सोनभद्र। सीडीओ सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि जिले में सोलर पैनल के निर्माण के लिए फैक्ट्री स्थापित होगी। इसका स्टीमेट आईआईटी मुंबई तैयार करेगी। उसी स्टीमेट के आधार पर जिला खनिज निधि से फैक्ट्री निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए अनुमति भी ली जा चुकी है। जुलाई माह तक यह फैक्ट्री खोलने की योजना है, जिस पर कार्य कराया जा रहा है।
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जिला प्रशासन ने सौर उर्जा को बढ़ावा देने के लिए नई पहल शुरू की है। जिले में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, आईआईटी मुंबई के साथ मिलकर सोलर लैंप का निर्माण करा रहा है। इसमें आजीविका मिशन से जुड़े समूह की महिलाएं प्रशिक्षण लेकर सोलर लैंप का निर्माण करा रही हैं। यही लैंप परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को दिया जा रहा है। अब प्रशासन ने सोलर लैंप से जुड़े एक पार्ट पैनल का निर्माण स्थानीय स्तर पर कराने का निर्णय लिया है। फिलहाल निर्माण के लिए जगह का चयन नहीं किया गया है। फैक्ट्री निर्माण में आने वाला खर्च जिला खनिज निधि से किया जाएगा। इसको लेकर प्रशासनिक स्तर पर रणनीति भी तय की जा चुकी है। सीडीओ सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि जिले में करीब 2700 समूह हैं जिसमें हजारों महिलाएं कार्य कर रही हैं। एक सोलर लैंप बनाने में एक महिला को 12 रुपये मिलता है। सोलर लैंप बनाकर महिलाओं के इन समूहों ने अब तक करीब एक करोड़ रुपये की आमदनी की है। अब उन्हीं महिलाओं को प्रशिक्षित कर सोलर पैनल का निर्माण कराया जाएगा। इस उत्पाद को सोन उजाला के नाम से बाजार में लाया जाएगा। आईआईटी मुंबई अन्य पार्ट देती रहेगी। सोलर पैनल की फैक्ट्री स्थापित करने के बाद सोलर स्कूल खोले जाएंगे। इसके तहत सौर उर्जा से ही मिड डे मील, बिजली, पानी आदि के कार्य होंगे।
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सोलर पैनल के लिए आईआईटी मुंबई तैयार करेगी स्टीमेट
सोनभद्र। सीडीओ सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि जिले में सोलर पैनल के निर्माण के लिए फैक्ट्री स्थापित होगी। इसका स्टीमेट आईआईटी मुंबई तैयार करेगी। उसी स्टीमेट के आधार पर जिला खनिज निधि से फैक्ट्री निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए अनुमति भी ली जा चुकी है। जुलाई माह तक यह फैक्ट्री खोलने की योजना है, जिस पर कार्य कराया जा रहा है।
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