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पूर्व गृहमंत्री ने किया कनहर परियोजना का निरीक्षण
Updated Tue, 05 Jun 2018 12:20 AM IST
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दुद्धी। छत्तीसगढ़ के पूर्व गृह मंत्री और राज्यसभा सदस्य रामविचार नेताम ने सोमवार को कनहर सिंचाई परियोजना का निरीक्षण किया। उन्होंने श्रम एवं युवा खेलकूद विभाग मंत्री व बलरामपुर जिला के प्रभारी मंत्री के साथ अमवार फील्ड हास्टल पहुंचकर प्रोजेक्टर के जरिए बांध की ऊंचाई की जानकारी ली। परियोजना निर्माण पूर्ण होने के बारे में भी जानकारी ली।
परियोजना के अधिशासी अभियंता हेमंत वर्मा ने बताया कि कनहर परियोजना के मुख्य बांध की ऊंचाई 39.9 मीटर तय है, जो बढ़ेगी नहीं। इस पर 16 फाटक लगेंगे और इस बांध की कुल चौड़ाई 3.4 किमी है। उन्होंने प्रोजेक्टर के जरिए स्पिलवे निर्माण दिखाया। बताया, परियोजना मार्च 2019 तक पूर्ण हो जाएगी। छत्तीसगढ़ के चार गांव आंशिक रूप से प्रभावित हो रहे हैं। उनके लिए बलरामपुर प्रशासन की डिमांड पर विस्थापन व पुनर्वास सहित जीवन स्तर में सुधार के लिए 70 करोड़ 35 लाख रुपए की धनराशि दी जा चुकी है। राज्य सभा सदस्य राम विचार नेताम ने कहा कि बांध बनने से छत्तीसगढ़ के बलरामपुर सहित अन्य जिलों का जलस्तर बढेगा और सिंचाई के अवसर बढ़ेंगे। कनहर परियोजना के बांध की ऊंचाई बढ़ाने की अफवाह को उन्होंने रोकने की जरूरत बताया। कहा कनहर बांध पर विपक्ष गलत अफवाहों को न फैलाये। भ्रामक बातों का फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। छत्तीसगढ़ के चार गांव के 42 लोग ही विस्थापित होंगे। छत्तीसगढ़ शासन के श्रम एवं युवा खेल कूद विभाग मंत्री व बलरामपुर जिला प्रभारी मंत्री भइया लाल राजवाड़े ने पत्रकार वार्ता में कहा कि यहां कुछ अफवाहें फैलाई जा रही हैं, जो निंदनीय है। बांध बनने से यूपी, झारखंड सहित छत्तीसगढ़ के लोगों को भी फायदा है। बलरामपुर के डीएम एचएल नायक ने कहा कि छत्तीसगढ़ के विस्थापित परिवारों को पुर्नस्थापित करने में कोई देरी नही होगी। सिंचाई विभाग को जिला प्रशासन को 70 करोड़ 35 लाख की घनराशि प्राप्त हो चुकी है। यहां इस बलरामपुर एसडीएम विजय दयाराम, एएसपी पंकज शुक्ला, जल संस ाधगन विभाग चीफ इंजीनियर आईपी उइके, एक्सईएन उमा शंकर राम, एसडीओ संजय ग्रायकर, कनहर सिचाई परियोजना के एसडीओ एके सिंह, संजय गुप्ता, रवि श्रीवास्तव, राजेश कुमार, डीके कौशिक मौजूद रहे।
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परियोजना के अधिशासी अभियंता हेमंत वर्मा ने बताया कि कनहर परियोजना के मुख्य बांध की ऊंचाई 39.9 मीटर तय है, जो बढ़ेगी नहीं। इस पर 16 फाटक लगेंगे और इस बांध की कुल चौड़ाई 3.4 किमी है। उन्होंने प्रोजेक्टर के जरिए स्पिलवे निर्माण दिखाया। बताया, परियोजना मार्च 2019 तक पूर्ण हो जाएगी। छत्तीसगढ़ के चार गांव आंशिक रूप से प्रभावित हो रहे हैं। उनके लिए बलरामपुर प्रशासन की डिमांड पर विस्थापन व पुनर्वास सहित जीवन स्तर में सुधार के लिए 70 करोड़ 35 लाख रुपए की धनराशि दी जा चुकी है। राज्य सभा सदस्य राम विचार नेताम ने कहा कि बांध बनने से छत्तीसगढ़ के बलरामपुर सहित अन्य जिलों का जलस्तर बढेगा और सिंचाई के अवसर बढ़ेंगे। कनहर परियोजना के बांध की ऊंचाई बढ़ाने की अफवाह को उन्होंने रोकने की जरूरत बताया। कहा कनहर बांध पर विपक्ष गलत अफवाहों को न फैलाये। भ्रामक बातों का फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। छत्तीसगढ़ के चार गांव के 42 लोग ही विस्थापित होंगे। छत्तीसगढ़ शासन के श्रम एवं युवा खेल कूद विभाग मंत्री व बलरामपुर जिला प्रभारी मंत्री भइया लाल राजवाड़े ने पत्रकार वार्ता में कहा कि यहां कुछ अफवाहें फैलाई जा रही हैं, जो निंदनीय है। बांध बनने से यूपी, झारखंड सहित छत्तीसगढ़ के लोगों को भी फायदा है। बलरामपुर के डीएम एचएल नायक ने कहा कि छत्तीसगढ़ के विस्थापित परिवारों को पुर्नस्थापित करने में कोई देरी नही होगी। सिंचाई विभाग को जिला प्रशासन को 70 करोड़ 35 लाख की घनराशि प्राप्त हो चुकी है। यहां इस बलरामपुर एसडीएम विजय दयाराम, एएसपी पंकज शुक्ला, जल संस ाधगन विभाग चीफ इंजीनियर आईपी उइके, एक्सईएन उमा शंकर राम, एसडीओ संजय ग्रायकर, कनहर सिचाई परियोजना के एसडीओ एके सिंह, संजय गुप्ता, रवि श्रीवास्तव, राजेश कुमार, डीके कौशिक मौजूद रहे।
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