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राष्ट्रीयता का भाव जगाने में नहीं छोड़ी कसर, डीएम
Updated Tue, 24 Apr 2018 11:24 PM IST
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संत कीनाराम स्नातकोत्तर महाविद्यालय में मंगलवार को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की पुण्यतिथि मनाई गई। उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया। आयोजित गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि दिनकर की रचनाएं देेशप्रेम जगाती हैं।
मुख्य अतिथि डीएम अमित कुमार सिंह ने कहा कि दिनकर की रचनाएं आज भी हिंदुस्तानियों के मन में देश प्रेम का भाव जगाती रहती है। उन्होंने अपनी रचनाओं के माध्यम से हिंदुस्तानियों के मन में एक तरफ राष्ट्र प्रेम जगाया तो दूसरी तरफ भारतीय संस्कृति सभ्यता एवं उसके गाथा, गौरव, शौर्य की याद दिलाई। प्राचार्य डॉ. गोपाल सिंह ने कहा दिनकर जी अपने युग के एक प्रखर कवि ही नहीं एक सफल प्रभावपूर्ण लेखक भी थे। दिनकर जी चाहे गुलाम भारत में चाहे आजाद भारत सत्ता के संरक्षण में रहते हुए भी सत्ता के मोह में कभी नहीं रहे। अपना दल के जिलाध्यक्ष सत्य नारायण पटेल ने कहा कि रामधारी सिंह दिनकर की कविता में राष्ट्रप्रेम की झलक मिलती है।
इस दौरान रामशकल चौबे, हिमांशु सिंह, गोविंद यादव, इंद्रसेन सिंह, गोपाल सिंह, अंकित सिंह, आरपी सिंह, रामप्रवेश मौर्य, मनोज श्रीवास्तव, हरिश सिंह, विनय मिश्रा आदि मौजूद रहे।
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मुख्य अतिथि डीएम अमित कुमार सिंह ने कहा कि दिनकर की रचनाएं आज भी हिंदुस्तानियों के मन में देश प्रेम का भाव जगाती रहती है। उन्होंने अपनी रचनाओं के माध्यम से हिंदुस्तानियों के मन में एक तरफ राष्ट्र प्रेम जगाया तो दूसरी तरफ भारतीय संस्कृति सभ्यता एवं उसके गाथा, गौरव, शौर्य की याद दिलाई। प्राचार्य डॉ. गोपाल सिंह ने कहा दिनकर जी अपने युग के एक प्रखर कवि ही नहीं एक सफल प्रभावपूर्ण लेखक भी थे। दिनकर जी चाहे गुलाम भारत में चाहे आजाद भारत सत्ता के संरक्षण में रहते हुए भी सत्ता के मोह में कभी नहीं रहे। अपना दल के जिलाध्यक्ष सत्य नारायण पटेल ने कहा कि रामधारी सिंह दिनकर की कविता में राष्ट्रप्रेम की झलक मिलती है।
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इस दौरान रामशकल चौबे, हिमांशु सिंह, गोविंद यादव, इंद्रसेन सिंह, गोपाल सिंह, अंकित सिंह, आरपी सिंह, रामप्रवेश मौर्य, मनोज श्रीवास्तव, हरिश सिंह, विनय मिश्रा आदि मौजूद रहे।
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