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बकाया मजदूरी का भुगतान न होने पर फूटा गुस्सा
Updated Thu, 28 Dec 2017 12:29 AM IST
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सोनभद्र। राबर्ट्सगंज ब्लॉक के ग्राम पंचायत बरहदा में मनरेगा के तहत काम कर मजदूरी के लिए श्रमिक इधर-उधर का चक्कर काट रहे है। बुधवार को बकाया मजदूरी की भुगतान कराने की मांग को लेकर राबर्ट्सगंज में श्रमिकों ने विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद पुलिस लाइन चुर्क जाकर ग्रामीणों ने क्षेत्राधिकारी के नाम उनके कार्यालय में मांगपत्र सौंपा।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि वर्ष 2016-17 में प्रधान ने बरहदा के राजस्व गांव में मनरेगा के तहत कई श्रमिकों से कार्य करवाया है। लेकिन अभी तक श्रमिकों के खाते में उनका मेहनताना नहीं भेजा गया है। बकाया मजदूरी के लिए श्रमिक प्रधान समेत संबंधित अधिकारियों के यहां चक्कर लगाकर थक चुके है, लेकिन अभी तक भुगतान नहीं किया गया। मजदूरी न मिलने के कारण कई श्रमिकों के समक्ष भूखमरी की नौबत उत्पन्न हो गई है। कहा कि 18 दिसंबर 2017 को प्रधान ने श्रम विभाग से जुड़े फार्म को भरवाने के लिए काफी लोगों को एकत्र की थी। फार्म भरवाने के नाम पर कुछ लोगों ने रुपये की डिमांड किए तो ग्रामीणों ने देने से इंकार कर दिया। इससे खफा होकर प्रधान झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देने लगी। शिकायती पत्र की जांच कर उचित कार्रवाई करते हुए बकाया मजदूरी का भुगतान कराया जाए। शिकायती पत्र देने में देवधारी, दुलारी, चंद्रावती, जिरावती, भुंगी, गीता, प्रभावती, किशुन, भगवंती, फूलमती आदि मौजूद रहे।
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शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि वर्ष 2016-17 में प्रधान ने बरहदा के राजस्व गांव में मनरेगा के तहत कई श्रमिकों से कार्य करवाया है। लेकिन अभी तक श्रमिकों के खाते में उनका मेहनताना नहीं भेजा गया है। बकाया मजदूरी के लिए श्रमिक प्रधान समेत संबंधित अधिकारियों के यहां चक्कर लगाकर थक चुके है, लेकिन अभी तक भुगतान नहीं किया गया। मजदूरी न मिलने के कारण कई श्रमिकों के समक्ष भूखमरी की नौबत उत्पन्न हो गई है। कहा कि 18 दिसंबर 2017 को प्रधान ने श्रम विभाग से जुड़े फार्म को भरवाने के लिए काफी लोगों को एकत्र की थी। फार्म भरवाने के नाम पर कुछ लोगों ने रुपये की डिमांड किए तो ग्रामीणों ने देने से इंकार कर दिया। इससे खफा होकर प्रधान झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देने लगी। शिकायती पत्र की जांच कर उचित कार्रवाई करते हुए बकाया मजदूरी का भुगतान कराया जाए। शिकायती पत्र देने में देवधारी, दुलारी, चंद्रावती, जिरावती, भुंगी, गीता, प्रभावती, किशुन, भगवंती, फूलमती आदि मौजूद रहे।
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