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चालकों से अवैध वसूली हो रही
Updated Sat, 24 Jun 2017 12:23 AM IST
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सोनभद्र। जिले में कानून व्यवस्था चुस्त- दुरुस्त बनाने के लिए तैनात पीआरवी के अधिकांश जवान मनमाने ढंग से ड्यूटी कर रहे हैं। वाहनों का पीछा कर चालकों से अवैध वसूली की भी शिकायतें मिल रही हैं। इसपर एसपी आरपी सिंह ने पीआरवी की कार्यप्रणाली की जांच के लिए तीन टीमें गठित कर दी हैं।
अपराध पर अंकुश लगाने के लिए जिले में तत्कालीन सपा सरकार ने 43 डॉयल 100 के वाहनों की सौगात दी थी। आवश्यकतानुसार थाने को पीआरवी के वाहन आवंटित किए गए हैं। प्रत्येक वाहन पर एक हेड और दो कांस्टेबलों की तैनाती की गई है। सार्वजनिक स्थानों एवं दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्रों में वाहनों के खड़ा होने के लिए स्थान बनाए गए हैं। ताकि घटना की सूचना मिलने पर तत्काल पुलिस कर्मी मौके पर पहुंच सकें। पुलिस प्रशासन ने पीआरवी को सख्त निर्देश दिया है कि सूचना मिलने के बाद मौके पर जाकर अपने-अपने क्षेत्र के इंचार्ज को मामले का अवगत कराएंगे और जरूरत पडने पर अरोपियों को पकड़ने कर थाने ले जाएंगे। सड़कों पर उनको वाहनों को रोक जांच करने या बगैर सूचना के घटनास्थल पर जाने के लिए सख्त मना है। लेकिन अधिकांश पीआरवी के जवान आदेशों को दरकिनार कर कार्य कर रहे है। कई डॉयल 100 के पुलिसकर्मी वाहनों का पीछा कर चालकों से अवैध वसूली तक करने का मामला संज्ञान में आ रहा है। पुलिस अधीक्षक आरपी सिंह ने कहा कि पीआरवी जवानों के कार्यप्रणाली की जांच के लिए तीन टीमें गठित कर दी गई है। टीमों में शामिल सदस्यों का नाम और पता गोपनीय रखा गया है। जांच में जो दोषी मिलेगा उसे सस्पेंड करते हुए अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
अपराध पर अंकुश लगाने के लिए जिले में तत्कालीन सपा सरकार ने 43 डॉयल 100 के वाहनों की सौगात दी थी। आवश्यकतानुसार थाने को पीआरवी के वाहन आवंटित किए गए हैं। प्रत्येक वाहन पर एक हेड और दो कांस्टेबलों की तैनाती की गई है। सार्वजनिक स्थानों एवं दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्रों में वाहनों के खड़ा होने के लिए स्थान बनाए गए हैं। ताकि घटना की सूचना मिलने पर तत्काल पुलिस कर्मी मौके पर पहुंच सकें। पुलिस प्रशासन ने पीआरवी को सख्त निर्देश दिया है कि सूचना मिलने के बाद मौके पर जाकर अपने-अपने क्षेत्र के इंचार्ज को मामले का अवगत कराएंगे और जरूरत पडने पर अरोपियों को पकड़ने कर थाने ले जाएंगे। सड़कों पर उनको वाहनों को रोक जांच करने या बगैर सूचना के घटनास्थल पर जाने के लिए सख्त मना है। लेकिन अधिकांश पीआरवी के जवान आदेशों को दरकिनार कर कार्य कर रहे है। कई डॉयल 100 के पुलिसकर्मी वाहनों का पीछा कर चालकों से अवैध वसूली तक करने का मामला संज्ञान में आ रहा है। पुलिस अधीक्षक आरपी सिंह ने कहा कि पीआरवी जवानों के कार्यप्रणाली की जांच के लिए तीन टीमें गठित कर दी गई है। टीमों में शामिल सदस्यों का नाम और पता गोपनीय रखा गया है। जांच में जो दोषी मिलेगा उसे सस्पेंड करते हुए अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
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