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31 मार्च तक हो किसानों का कर्जा माफ
Updated Thu, 22 Jun 2017 10:35 PM IST
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सोनभद्र। किसानों की समस्याओं को लेकर किसान संगठन और नेताओं ने गुरुवार को सिंचाई डाक बंगला में बैठक की। इससे किसान संघर्ष समिति का गठन किया गया।
अभियान की शुरुआत 10 जुलाई से नई बाजार में किसान पंचायत से होगी। इसके बाद 11 जुलाई को शाहगंज बाजार, 12 को मधुपुर, 13 को केकराही बाजार और 14 को चुर्क बाजार में किसान पंचायत होगी। कहा गया कि विधानसभा चुनाव में प्रधानमंत्री ने किसानों के सभी कर्जे माफ करने की घोषणा की थी और भाजपा के घोषणा पत्र में स्पष्ट लिखा गया था कि प्रदेश के सभी लघु-सीमांत किसानों का फसली ऋण माफ किया जाएगा। यह भी वादा था कि सरकार बनने के एक सप्ताह के अंदर यह ऋण माफ किए जाएंगे। लेकिन सरकार बनने के बाद आर्थिक संसाधन कम होने का बहाना बनाकर मुख्यमंत्री ने प्रदेश के लघु सीमांत किसानों के एक लाख तक के कर्जे मात्र 31 मार्च 2016 तक माफ करने की घोषणा की है। सरकार का यह प्रस्ताव प्रदेश के किसानों के साथ धोखा है।
बैठक में स्वराज अभियान की प्रदेश कार्यसमिति सदस्य दिनकर कपूर, रालोद के अध्यक्ष संतोष पटेल, चौधरी यशवंत सिंह, जदयू के जिलाध्यक्ष अतुल पटेल, अद कृष्णा पटेल के अध्यक्ष सीडी सिंह, सीपीआई के अशोक कुमार कन्नौजिया, जय किसान आंदोलन के महेंद्र प्रताप सिंह ने अपने विचार रखे।
अभियान की शुरुआत 10 जुलाई से नई बाजार में किसान पंचायत से होगी। इसके बाद 11 जुलाई को शाहगंज बाजार, 12 को मधुपुर, 13 को केकराही बाजार और 14 को चुर्क बाजार में किसान पंचायत होगी। कहा गया कि विधानसभा चुनाव में प्रधानमंत्री ने किसानों के सभी कर्जे माफ करने की घोषणा की थी और भाजपा के घोषणा पत्र में स्पष्ट लिखा गया था कि प्रदेश के सभी लघु-सीमांत किसानों का फसली ऋण माफ किया जाएगा। यह भी वादा था कि सरकार बनने के एक सप्ताह के अंदर यह ऋण माफ किए जाएंगे। लेकिन सरकार बनने के बाद आर्थिक संसाधन कम होने का बहाना बनाकर मुख्यमंत्री ने प्रदेश के लघु सीमांत किसानों के एक लाख तक के कर्जे मात्र 31 मार्च 2016 तक माफ करने की घोषणा की है। सरकार का यह प्रस्ताव प्रदेश के किसानों के साथ धोखा है।
बैठक में स्वराज अभियान की प्रदेश कार्यसमिति सदस्य दिनकर कपूर, रालोद के अध्यक्ष संतोष पटेल, चौधरी यशवंत सिंह, जदयू के जिलाध्यक्ष अतुल पटेल, अद कृष्णा पटेल के अध्यक्ष सीडी सिंह, सीपीआई के अशोक कुमार कन्नौजिया, जय किसान आंदोलन के महेंद्र प्रताप सिंह ने अपने विचार रखे।
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