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पर्यटन स्थल टिप्पा झरिया का बंद किया रास्ता
Updated Sun, 29 Jul 2018 11:48 PM IST
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अनपरा । स्थानीय हनुमान मंदिर के समीप पिकनिक स्पाट टिप्पा झरिया जाने वाले मार्ग को मोरवा पुलिस ने बंद कर दिया है। पुलिस की सख्ती से जहां पिकनिक मनाने वाले मायूस हुए है वहीं तमाम लोग इस कदम का स्वागत भी कर रहे हैं। बता दें कि टिप्पा झरिया हाल के दिनों में आपराधिक घटनाओं का अड्डा बन गया था।
उर्जांचल में खासकर बरसात के दिनों में टिप्पा झरिया में पिकनिक मनाने के लिए ज्यादातर लोग रूख करते रहे है। दूर-दूर से लोग हनुमान मंदिर दर्शन के लिए आते है और साथ ही टिप्पा झरिया के प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद भी लेते रहे है। लेकिन कुछ सालों से अपराधियों के लिए यह जगह मुफीद बन गई। श्रद्धालुओं के साथ लूटपाट और दुराचार कि घटनाओं में इजाफा होने से पुलिस के माथे पर बल पड़ गया था। हालत यह है कि एनसीएल झिगुरदाह एवं बीना परियोजना की खदानों से लगा होने के कारण अपराधी घटना को अंजाम देकर भाग निकलने में कामयाब होते रहे है। अपराध पर अंकुश लगाने के लि मोरवा के निरीक्षक नरेंद्र सिंह रघुवंशी ने बीते दिनों एनसीएल प्रबंधन को पत्र लिखकर सुरक्षा गार्ड तैनात करने की मांग की थी लेकिन प्रबंधन ने कोई कदम नहीं उठाया। एनसीएल की चुप्पी के बाद अनुविभागीय अधिकारी डा. कृपाशंकर द्विवेदी एवं नगर निरीक्षक नरेंद्र सिंह रघुवंशी ने इस मार्ग को बंद करने का निर्णय लिया ताकि राहगीरों के साथ किसी प्रकार की घटना न हो।
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उर्जांचल में खासकर बरसात के दिनों में टिप्पा झरिया में पिकनिक मनाने के लिए ज्यादातर लोग रूख करते रहे है। दूर-दूर से लोग हनुमान मंदिर दर्शन के लिए आते है और साथ ही टिप्पा झरिया के प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद भी लेते रहे है। लेकिन कुछ सालों से अपराधियों के लिए यह जगह मुफीद बन गई। श्रद्धालुओं के साथ लूटपाट और दुराचार कि घटनाओं में इजाफा होने से पुलिस के माथे पर बल पड़ गया था। हालत यह है कि एनसीएल झिगुरदाह एवं बीना परियोजना की खदानों से लगा होने के कारण अपराधी घटना को अंजाम देकर भाग निकलने में कामयाब होते रहे है। अपराध पर अंकुश लगाने के लि मोरवा के निरीक्षक नरेंद्र सिंह रघुवंशी ने बीते दिनों एनसीएल प्रबंधन को पत्र लिखकर सुरक्षा गार्ड तैनात करने की मांग की थी लेकिन प्रबंधन ने कोई कदम नहीं उठाया। एनसीएल की चुप्पी के बाद अनुविभागीय अधिकारी डा. कृपाशंकर द्विवेदी एवं नगर निरीक्षक नरेंद्र सिंह रघुवंशी ने इस मार्ग को बंद करने का निर्णय लिया ताकि राहगीरों के साथ किसी प्रकार की घटना न हो।
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