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Sonebhadra News: मासूम से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की सजा, महज 54 दिन में आया फैसला

Tue, 23 Apr 2024 01:31 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 23 Apr 2024 01:31 AM IST
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20 years imprisonment to the accused of raping an innocent child
चार माह पूर्व सात वर्षीय मासूम के साथ दुष्कर्म के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट अमित वीर सिंह की अदालत ने दोषी को 20 वर्ष कैद की सजा सुनाई है। सोमवार को मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने उस पर एक लाख एक हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड न देने पर छह माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
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अर्थदंड की धनराशि में से एक लाख रुपये पीड़िता को मिलेगी। कोर्ट ने यह निर्णय चार्जशीट दाखिल होने के 67 दिन और आरोप तय होने के 54 दिन में सुनाया है। अभियोजन पक्ष के मुताबिक चोपन थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़िता की मां ने चोपन थाने में तहरीर दी थी।
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इसमें अवगत कराया था कि 20 दिसंबर 2023 को रात 9 बजे जब वह घर पर नहीं थी तभी उसकी बेटी (7) को अकेला पाकर कोटा निवासी भोला खरवार जबरन उठाकर जंगल में ले गया। वहां उसके साथ दुष्कर्म किया और मारा पीटा। पीड़िता रोते हुए घर आई और पूरी घटना बताई। तब दूसरे दिन 21 दिसंबर को थाने में तहरीर दी।
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पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की विवेचना की। विवेचना के दौरान मेडिकल रिपोर्ट में भी पीड़िता के साथ दुष्कर्म और मारपीट की बात सामने आई। पर्याप्त सबूत मिलने पर मामले के विवेचक तत्कालीन थानाध्यक्ष सतेंद्र कुमार राय ने विवेचना कर कोर्ट में दुष्कर्म और पाॅक्सो एक्ट में 67 दिन में चार्जशीट दाखिल की।
इसके बाद कोर्ट ने मामले में तेजी से सुनवाई की। कोर्ट में आरोप तय होने के बाद 54 दिन में निर्णय हुआ। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषी भोला खरवार को 20 वर्ष का कठोर कारावास एवं एक लाख एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की तरफ से सरकारी वकील दिनेश कुमार अग्रहरी, सत्य प्रकाश त्रिपाठी एवं नीरज कुमार सिंह ने बहस की।

काेर्ट से सजा सुनाए जाने के बाद पीड़िता की मां ने फैसले पर संतोष जताया। कहा कि तीव्र गति से सुनवाई करते हुए कोर्ट ने यह आदेश दिया है, वरना सुनवाई में ही कई बार वर्षों लग जाते हैं। हालांकि उनका कहना था कि दोषी को इससे भी अधिक सजा मिलनी चाहिए थी।
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