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गिरफ्तारी नहीं हुई तो हड़ताल पर चले जाएंगे फार्मासिस्ट
Updated Thu, 21 Jun 2018 11:32 PM IST
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सोनभद्र। पांच दिन पूर्व महिला की मौत के बाद जिला अस्पताल में स्वास्थ्यकर्मियों से हाथापाई के मामले में डिप्लोमा फार्मेसिस्ट एसोसिएशन एकजुट हो गया है। गुरुवार को एसोसिएशन का प्रतिनिधि मंडल डॉक्टरों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचा। डीएम ज्ञापन देकर दुव्र्यवहार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। 48 घंटे का अल्टीमेट देते हुए कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो समस्त फार्मासिस्ट कार्य बहिष्कार करेंगे।
प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि 16 जून को सुबह सात बजे डॉ. संदीप कुमार ड्यूटी पर थे। उसी वक्त मझगांव से एंबुलेस से महिला को अस्पताल ले आया गया। महिला के पति ने बताया कि उसकी पत्नी चार माह की गर्भवती है उसका इलाज शुरू करें तत्काल डॉ मरीज के पास पहुंचे तो जांच में महिला मृत मिली। बार्ड ब्वाय जितेंद्र ने महिला की कम उम्र और संदिग्ध मौत की सूचना 7.10 बजे कोतवाली पुलिस को भेज दिया। आठ बजे अस्पताल से स्टाफ बदल गया। 11.15 बजे महिला के पति 15-20 लोगों को लेकर अस्पताल पहुंचे और दुव्र्यहार करते हुए स्टाफ के साथ मारपीट की। बगैर पोस्टमार्टम कराये शव लेकर चले गए। चूंकि मेडिकल अफसर को मौत का कारण संदिग्ध लगा था इस नाते पुलिस को मेमो के जरिये सूचना भिजवाई गई थी। लेकिन अस्पताल में हंगामा करने और मारपीट करने पोस्टमार्टम न कराने से मामला संदिग्ध हो गया है। महिला के पति ने अस्पताल में इस लिए हंगामा किया जिससे पोस्टमार्टम का कार्य रोका जा सके। प्रतिनिधि मंडल सीसीटीवी के फुटेज साक्ष्य के रूप में देते हुए हंगामा करने वालों को गिरफ्तार करने की मांग की है। इस मामले की शिकायत एसपी से भी की गई। इस दौरान राघेवंद्र सिंह, डॉ केके सिंह, गोविदं यादव, अजय सिंह, जे बालर, किरन, संतोष सिंह, आरडी कौशल, जगनारायण आदि मौजूद रहे।
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प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि 16 जून को सुबह सात बजे डॉ. संदीप कुमार ड्यूटी पर थे। उसी वक्त मझगांव से एंबुलेस से महिला को अस्पताल ले आया गया। महिला के पति ने बताया कि उसकी पत्नी चार माह की गर्भवती है उसका इलाज शुरू करें तत्काल डॉ मरीज के पास पहुंचे तो जांच में महिला मृत मिली। बार्ड ब्वाय जितेंद्र ने महिला की कम उम्र और संदिग्ध मौत की सूचना 7.10 बजे कोतवाली पुलिस को भेज दिया। आठ बजे अस्पताल से स्टाफ बदल गया। 11.15 बजे महिला के पति 15-20 लोगों को लेकर अस्पताल पहुंचे और दुव्र्यहार करते हुए स्टाफ के साथ मारपीट की। बगैर पोस्टमार्टम कराये शव लेकर चले गए। चूंकि मेडिकल अफसर को मौत का कारण संदिग्ध लगा था इस नाते पुलिस को मेमो के जरिये सूचना भिजवाई गई थी। लेकिन अस्पताल में हंगामा करने और मारपीट करने पोस्टमार्टम न कराने से मामला संदिग्ध हो गया है। महिला के पति ने अस्पताल में इस लिए हंगामा किया जिससे पोस्टमार्टम का कार्य रोका जा सके। प्रतिनिधि मंडल सीसीटीवी के फुटेज साक्ष्य के रूप में देते हुए हंगामा करने वालों को गिरफ्तार करने की मांग की है। इस मामले की शिकायत एसपी से भी की गई। इस दौरान राघेवंद्र सिंह, डॉ केके सिंह, गोविदं यादव, अजय सिंह, जे बालर, किरन, संतोष सिंह, आरडी कौशल, जगनारायण आदि मौजूद रहे।
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