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मिलावटी मिठाइयां बिगाड़ सकती हैं सेहत, रहें सतर्क
Updated Thu, 01 Nov 2018 12:09 AM IST
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सोनभद्र। दीपावली नजदीक आते ही खोवा-मेवा की मिठाइयों की मांग बढ़ने लगी है। ऐसे में मिठाई की खरीदारी को लेकर सतर्कता जरूरी है। क्योंकि मिलावटी मिठाई आपकी सेहत के लिए काफी नुकसानदेह साबित हो सकती है।
जिला मुख्यालय राबटर्सगंज समेत आस-पास में ज्यादातर लोकल खोवा की खपत होती है लेकिन मावा बाहर से आता है। पूर्व के वर्षों को देखते हुए इस बार भी मावा में मिलावट की आशंका जोर पकड़ने लगी है। स्थिति को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग की तरफ से जिले के सभी आठों ब्लाकों में निगरानी टीम गठित कर दी गई है। जिला अिभिहित अधिकारी मानिकचंद्र ने बताया कि मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी संजय सिंह की अगुवाई में टीमें सैंपलिंग करने के साथ ही मिठाइयों को अपने स्तर से जांच कर रही है। लोगों से मिलावट से सतर्क रहने और साख वाली दुकानें से मिठाई खरीदने की सलाह दी जा रही है। संभव हो तो लोग घर में दूध यानी कद्दू-लौकी के मिठाई के सेवन पर ज्यादा जोर दें। उन्होंने बताया कि एक साल में मिठाई के तीस नमूने भेजे गए थे, जिसमें 25 फेल पाए गए हैं। खोवा के 50 नमूने भेजे गए थे, जिसमें 35 फेल हुए हैँ। दूध के 70 नमूनों में 65 फेल मिले हैं। इसको लेकर एडीएम कोर्ट में मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। अब तक इसको लेकर 25 लोगों से दो लाख जुर्माना वसूला जा चुका है। उधर, दुकानदारों का कहना है कि पिछले साल के मुकाबले बिक्री में कोई खास वृद्धि या घटोत्तरी नहीं हुई है। कीमत में भी कोई खास वृद्धि नहीं है। मुकेश मिश्रा, महेश कुमार, शेषनाथ, शानू कुमार का कहना था कि मिठाई खरीदते समय दुकान की साख पर जरूर ध्यान दें। गुणवत्ता पर भी जहां तक संभव हो नजर जरूर डालें।
पैकेट बंद पदार्थ बिगाड़ रहे मिठाई का बाजार
सोनभद्र। दुकानदारों का कहना है कि पैकेट बंद पदार्थ मिठाई का बाजार बिगाड़ रहे हैं। वह लोग मेहनत करके मिठाई बनाते हैं। मिठाई में कोई कमी न रहे, इसका पूरा ख्याल रखा जाता है लेकिन खराब गुणवत्ता वाले पैकेटबंद खाद्य पदार्थ की कीमत कम रहने के कारण ज्यादातर लोग उसे ही खरीद रहे हैँ। उनकी मिलावट और गुणवत्ता पर भी ध्यान दिया जाना जरूरी है।
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ऐसे जांचें खोया की गुणवत्ता
सोनभद्र। जिला अभिहित अधिकारी मानिकचंद्र ने बताया कि आयोडीन टिंचर डालने पर अगर खोवा का कलर बदल जाता है तो मिलावट है। ऐसा होने पर तत्काल उनके नंबर 9452758653 पर सूचना दें, तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
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जिला मुख्यालय राबटर्सगंज समेत आस-पास में ज्यादातर लोकल खोवा की खपत होती है लेकिन मावा बाहर से आता है। पूर्व के वर्षों को देखते हुए इस बार भी मावा में मिलावट की आशंका जोर पकड़ने लगी है। स्थिति को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग की तरफ से जिले के सभी आठों ब्लाकों में निगरानी टीम गठित कर दी गई है। जिला अिभिहित अधिकारी मानिकचंद्र ने बताया कि मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी संजय सिंह की अगुवाई में टीमें सैंपलिंग करने के साथ ही मिठाइयों को अपने स्तर से जांच कर रही है। लोगों से मिलावट से सतर्क रहने और साख वाली दुकानें से मिठाई खरीदने की सलाह दी जा रही है। संभव हो तो लोग घर में दूध यानी कद्दू-लौकी के मिठाई के सेवन पर ज्यादा जोर दें। उन्होंने बताया कि एक साल में मिठाई के तीस नमूने भेजे गए थे, जिसमें 25 फेल पाए गए हैं। खोवा के 50 नमूने भेजे गए थे, जिसमें 35 फेल हुए हैँ। दूध के 70 नमूनों में 65 फेल मिले हैं। इसको लेकर एडीएम कोर्ट में मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। अब तक इसको लेकर 25 लोगों से दो लाख जुर्माना वसूला जा चुका है। उधर, दुकानदारों का कहना है कि पिछले साल के मुकाबले बिक्री में कोई खास वृद्धि या घटोत्तरी नहीं हुई है। कीमत में भी कोई खास वृद्धि नहीं है। मुकेश मिश्रा, महेश कुमार, शेषनाथ, शानू कुमार का कहना था कि मिठाई खरीदते समय दुकान की साख पर जरूर ध्यान दें। गुणवत्ता पर भी जहां तक संभव हो नजर जरूर डालें।
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पैकेट बंद पदार्थ बिगाड़ रहे मिठाई का बाजार
सोनभद्र। दुकानदारों का कहना है कि पैकेट बंद पदार्थ मिठाई का बाजार बिगाड़ रहे हैं। वह लोग मेहनत करके मिठाई बनाते हैं। मिठाई में कोई कमी न रहे, इसका पूरा ख्याल रखा जाता है लेकिन खराब गुणवत्ता वाले पैकेटबंद खाद्य पदार्थ की कीमत कम रहने के कारण ज्यादातर लोग उसे ही खरीद रहे हैँ। उनकी मिलावट और गुणवत्ता पर भी ध्यान दिया जाना जरूरी है।
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ऐसे जांचें खोया की गुणवत्ता
सोनभद्र। जिला अभिहित अधिकारी मानिकचंद्र ने बताया कि आयोडीन टिंचर डालने पर अगर खोवा का कलर बदल जाता है तो मिलावट है। ऐसा होने पर तत्काल उनके नंबर 9452758653 पर सूचना दें, तत्काल कार्रवाई की जाएगी।