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प्रोत्साहन राशि के लिए एनसीएल कर्मियों में रोष
Updated Sat, 25 Aug 2018 01:32 AM IST
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अनपरा। एनसीएल कर्मियों को बेहतर कार्य व लक्ष्य से अधिक कोयला का उत्पादन करने पर प्रोत्साहन राशि दी गई। इस राशि को लेकर कर्मियों में रोष है। उनका कहना है कि प्रमुख व खतरनाक स्थलों पर काम करने वाले कर्मियों को बहुत कम प्रोत्साहन राशि दी गई है। जिसका हर स्तर पर विरोध किया जाएगा। कोल इंडिया आईटीआई इंप्लाइज एसोसिएशन शाखा ककरी के कर्मियों ने महाप्रबंधक को ज्ञापन सौंप कर सुधार करने की मांग की है।
कोल इंडिया आईटीआई इंप्लाइज एसोसिएशन शाखा ककरी के पदाधिकारियों ने महाप्रबंधक को ज्ञापन सौंपा है। सचिव जितेंद्र कुमार ने बताया कि कर्मचारियों को मिली प्रोत्साहन राशि असामान्य व हतोत्साहित करने वाली है। परियोजना के कई विभाग जैसे डोजर, सीएचपी, कालोनी मेंटेनेंस में कार्यरत कर्मचारियों तथा शावेल विभाग के वेल्डरों को बहुत कम प्रोत्साहन राशि मिली है। कहा कि सभी कर्मचारियों के मिले जुले प्रयासों तथा लगन से काम करने पर ही उत्पादन लक्ष्य की प्राप्ति होती है। किसी एक के बिना उत्पादन लक्ष्य को प्राप्त करने की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। फिर भी इन विभागों की उपेक्षा की गई और इनके साथ पक्षपातपूर्ण व्यवहार किया गया, जो कहीं से भी न्याय संगत नहीं होता है। संगठन ने मांग की है कि अन्य विभागों की तरह इन विभागों के कर्मचारियों को भी वर्ष 2017-18 की विशेष प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया जाए। वित्तीय वर्ष 2018-19 की इंसेंटिव स्कीम में सुधार कर इस प्रकार बनाया जाए कि सभी कर्मचारियों को एक समान लाभ प्राप्त हो सके।
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कोल इंडिया आईटीआई इंप्लाइज एसोसिएशन शाखा ककरी के पदाधिकारियों ने महाप्रबंधक को ज्ञापन सौंपा है। सचिव जितेंद्र कुमार ने बताया कि कर्मचारियों को मिली प्रोत्साहन राशि असामान्य व हतोत्साहित करने वाली है। परियोजना के कई विभाग जैसे डोजर, सीएचपी, कालोनी मेंटेनेंस में कार्यरत कर्मचारियों तथा शावेल विभाग के वेल्डरों को बहुत कम प्रोत्साहन राशि मिली है। कहा कि सभी कर्मचारियों के मिले जुले प्रयासों तथा लगन से काम करने पर ही उत्पादन लक्ष्य की प्राप्ति होती है। किसी एक के बिना उत्पादन लक्ष्य को प्राप्त करने की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। फिर भी इन विभागों की उपेक्षा की गई और इनके साथ पक्षपातपूर्ण व्यवहार किया गया, जो कहीं से भी न्याय संगत नहीं होता है। संगठन ने मांग की है कि अन्य विभागों की तरह इन विभागों के कर्मचारियों को भी वर्ष 2017-18 की विशेष प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया जाए। वित्तीय वर्ष 2018-19 की इंसेंटिव स्कीम में सुधार कर इस प्रकार बनाया जाए कि सभी कर्मचारियों को एक समान लाभ प्राप्त हो सके।
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