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तपिश: पानी की तलाश में इधर-उधर भटका हाथी
Updated Thu, 26 Apr 2018 11:08 PM IST
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बभनी। वाराणसी- अंबिकापुर मार्ग पर फूलीडूमर जंगल में बुधवार की शाम करीब पांच बजे हाथी पहुंच गया। इस दौरान वहां पंक्चर ट्रक को छोड़कर चालक और खलासी भाग खड़े हुए। भीषण गर्मी में जंगलों में पानी का न होने से हाथी समेत जंगली जानवर इधर-उधर भटक रहे हैं।
हाथी पानी की तलाश करते हुए जंगल से भटकते हुए सड़क पर आ गया। हाथी ट्रक के सामने ख़ड़ा हो गया। हाथी ने ट्रक का गेट भी खोलने का प्रयास किया, लेकिन गेट नही खुला। वह करीब एक घंटे तक सड़क पर ही रहा। इस दौरान कोई भी चालक अपने वाहन को लेकर आगे जाने की हिम्मत नही जुटा पा रहा था। जब हाथी सड़क पार कर जंगल की ओर जाने लगा तो वाहनों का आवागमन शुरू हो सका। छत्तीसगढ़ में हाथी हमेशा कहीं न कहीं सड़क पर आ ही जाते हैं। अभी दो दिन पहले सोनगरा के जंगल में भी हाथियों का झुंड बीच सड़क पर आकर खड़ा हो गया था। इससे घंटों आवागमन बाधित हो गया था। लोगों का मानना है कि नदी, नालों के सूख जाने से पानी की तलाश में भटकते हुए जंगली जानवर गांवों की ओर बढ रहे हैं। ग्रामीण जंगली जानवरों से भयभीत हैं। लोगों का कहना है कि पानी का संकट हो गया है। जंगली जानवर पानी के लिए व्याकुल होकर जंगल से गांवों की ओर पलायन कर सकते हैं। इससे पालतू पशुओं के लिए भी खतरा है।
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हाथी पानी की तलाश करते हुए जंगल से भटकते हुए सड़क पर आ गया। हाथी ट्रक के सामने ख़ड़ा हो गया। हाथी ने ट्रक का गेट भी खोलने का प्रयास किया, लेकिन गेट नही खुला। वह करीब एक घंटे तक सड़क पर ही रहा। इस दौरान कोई भी चालक अपने वाहन को लेकर आगे जाने की हिम्मत नही जुटा पा रहा था। जब हाथी सड़क पार कर जंगल की ओर जाने लगा तो वाहनों का आवागमन शुरू हो सका। छत्तीसगढ़ में हाथी हमेशा कहीं न कहीं सड़क पर आ ही जाते हैं। अभी दो दिन पहले सोनगरा के जंगल में भी हाथियों का झुंड बीच सड़क पर आकर खड़ा हो गया था। इससे घंटों आवागमन बाधित हो गया था। लोगों का मानना है कि नदी, नालों के सूख जाने से पानी की तलाश में भटकते हुए जंगली जानवर गांवों की ओर बढ रहे हैं। ग्रामीण जंगली जानवरों से भयभीत हैं। लोगों का कहना है कि पानी का संकट हो गया है। जंगली जानवर पानी के लिए व्याकुल होकर जंगल से गांवों की ओर पलायन कर सकते हैं। इससे पालतू पशुओं के लिए भी खतरा है।
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