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मेडिकल कालेज बनाए जाने से जुड़ी पत्रावली तलब
Updated Fri, 22 Dec 2017 11:25 PM IST
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सोनभद्र। जिले में राजकीय मेडिकल कालेज बनाने की पहल तेज हो गई है। सौ बेड के जिला अस्पताल, नवनिर्मित सौ बेड का जच्चा-बच्चा अस्पताल, ट्रामा सेंटर, बर्न यूनिट और दौ सौ बेड के निर्माणाधीन अस्पताल को मिलाकर मेडिकल कालेज बनाने की तैयारी की जा रही है। शुक्रवार को डीएम पीके उपाध्याय ने सीएमओ से कालेज से संबंधित प्रस्ताव तलब की है।
जिला अस्पताल को मॉडल बनाने के मद्देनजर 17 मार्च 2017 को तीन दिवसीय दौरे पर नेशनल हेल्थ सिस्टम रिसोर्सेज सेंटर नई दिल्ली के डॉ. हिमांशु भूषण की अगुवाई में टीम जिला अस्पताल पहुंची थी। टीम के सदस्यों ने जिला अस्पताल में करीब 46 करोड़ की लागत से बनकर तैयार सौ बेड की बिल्डिंग, लगभग एक करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से बने बर्न यूनिट एवं प्लास्टिक सर्जरी के भवन, एक करोड़ 49 लाख 90 बने ट्रामा सेंटर, करीब 96 करोड़ की लागत से बन रहे दो सौ बेड के अस्पताल का स्थलीय निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार किया था। निरीक्षण के दौरान नेशनल हेल्थ सिस्टम रिसोर्सेज सेंटर की टीम ने जिला अस्पताल को मॉडल अस्पताल बनाने के साथ मेडिकल कालेज के लिए भी रिपोर्ट तैयार कह थी। टीम का मानना था कि जिला अस्पताल परिसर में बनकर तैयार सौ बेड का अस्पताल, ट्रामा सेंटर, बर्न यूनिट और बन रहे दो सौ बेड के अस्पताल मेडिकल कालेज के प्रयोग में आ जाएगा।ं मेडिकल कालेज बनने से जिले के अलावा बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के लोगों को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया होगी। तत्कालीन डीएम सीबी सिंह ने सीमएओ से भी मेडिकल कालेज बनाए जाने से संबंधित रिपोर्ट तैयार कर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था, लेकिन डीएम का तबादला हो जाने के बाद प्रस्ताव ठंडे बस्ते में चला गया। डीएम पीके उपाध्याय ने कहा कि सीएमओ से मेडिकल कालेज बनाए से संबंधित प्रस्ताव तलब किया गया है। प्रस्ताव का अवलोकन करने के बाद शासन को भेजा जाएगा।
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जिला अस्पताल को मॉडल बनाने के मद्देनजर 17 मार्च 2017 को तीन दिवसीय दौरे पर नेशनल हेल्थ सिस्टम रिसोर्सेज सेंटर नई दिल्ली के डॉ. हिमांशु भूषण की अगुवाई में टीम जिला अस्पताल पहुंची थी। टीम के सदस्यों ने जिला अस्पताल में करीब 46 करोड़ की लागत से बनकर तैयार सौ बेड की बिल्डिंग, लगभग एक करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से बने बर्न यूनिट एवं प्लास्टिक सर्जरी के भवन, एक करोड़ 49 लाख 90 बने ट्रामा सेंटर, करीब 96 करोड़ की लागत से बन रहे दो सौ बेड के अस्पताल का स्थलीय निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार किया था। निरीक्षण के दौरान नेशनल हेल्थ सिस्टम रिसोर्सेज सेंटर की टीम ने जिला अस्पताल को मॉडल अस्पताल बनाने के साथ मेडिकल कालेज के लिए भी रिपोर्ट तैयार कह थी। टीम का मानना था कि जिला अस्पताल परिसर में बनकर तैयार सौ बेड का अस्पताल, ट्रामा सेंटर, बर्न यूनिट और बन रहे दो सौ बेड के अस्पताल मेडिकल कालेज के प्रयोग में आ जाएगा।ं मेडिकल कालेज बनने से जिले के अलावा बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के लोगों को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया होगी। तत्कालीन डीएम सीबी सिंह ने सीमएओ से भी मेडिकल कालेज बनाए जाने से संबंधित रिपोर्ट तैयार कर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था, लेकिन डीएम का तबादला हो जाने के बाद प्रस्ताव ठंडे बस्ते में चला गया। डीएम पीके उपाध्याय ने कहा कि सीएमओ से मेडिकल कालेज बनाए से संबंधित प्रस्ताव तलब किया गया है। प्रस्ताव का अवलोकन करने के बाद शासन को भेजा जाएगा।
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