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जन औषधि केंद्रों पर मरीजों को नहीं मिल रही दवाएं
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सोनभद्र। लोगों को सस्ती दवाइयां उपलब्ध कराने के लिए जिले में तीन जन औषधि केंद्र खोले गए हैं। लेकिन केद्रों पर मरीजों को हर बीमारी की दवाएं नहीं मिल पा रही है। राजकीय अस्पतालों में तैनात अधिकांश चिकित्सक मरीजों को जेनेरिक दवाएं लिखने की बजाय बाहर की दवा लिख रहे हैं। मजबूरी में मरीजों को महंगे दर पर दवाओं को खरीदना पड़ रहा।
केंद्र सरकार ने मरीजों को सस्ती दवाएं मुहैया कराने के लिए जिले में जरूरत के अनुसार जन औषधि केंद्र खोलने का निर्देश दिया है। स्वास्थ्य विभाग की मानें तो अभी तक जिला अस्पताल परिसर, राबर्ट्सगंज और कोन में ही जन औषधि केंद्र खुला है। इन केंद्रों पर जरूरत के अनुसार दवाएं न होने का फायदा उठाते हुए अधिकांश डॉक्टर मेडिकल स्टोर पर मिलने वाली दवाएं लिख रहे हैं। राबटर्सगंज निवासी आशिफ अली और चुर्क के रहवासी शकील अहमद ने कहा कि अंग्रेजी दवाओं से काफी कम दाम में जेनेरिक दवाएं मिल रही है। लेकिन डॉक्टर लिखते ही नहीं है। कहा कि जिला अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी पर तैनात कई डॉक्टर अपने सेटिंग वाले मेडिकल स्टोरों पर मरीजों को दवा लेने के लिए भेजते हैं। बावजूद इसके उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है। बबुरी गांव निवासी रामप्रवेश प्रजापति और भड़कना गांव के रहने वाले प्रमोद ने कहा कि डॉक्टरों द्वारा मरीजों को जेनेरिक दवाएं नाममात्र की लिखी जा रही है। कहा कि जिला प्रशासन गोपनीय तरीके से इसकी जांच कराए तो सच्चाई खुलकर सामने आ जाएगी। उधर सीएमओ डॉ. एसपी सिंह ने कहा कि राजकीय अस्पतालों में सभी रोग की पर्याप्त दवाएं है। जरूरत पड़ने पर चिकित्सकों को जेनेरिक दवाएं लिखने का निर्देश दिया गया है। रोक के बावजूद अगर कोई डॉक्टर बाहर की दवा लिखता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को लिखापढ़ी की जाएगी।
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केंद्र सरकार ने मरीजों को सस्ती दवाएं मुहैया कराने के लिए जिले में जरूरत के अनुसार जन औषधि केंद्र खोलने का निर्देश दिया है। स्वास्थ्य विभाग की मानें तो अभी तक जिला अस्पताल परिसर, राबर्ट्सगंज और कोन में ही जन औषधि केंद्र खुला है। इन केंद्रों पर जरूरत के अनुसार दवाएं न होने का फायदा उठाते हुए अधिकांश डॉक्टर मेडिकल स्टोर पर मिलने वाली दवाएं लिख रहे हैं। राबटर्सगंज निवासी आशिफ अली और चुर्क के रहवासी शकील अहमद ने कहा कि अंग्रेजी दवाओं से काफी कम दाम में जेनेरिक दवाएं मिल रही है। लेकिन डॉक्टर लिखते ही नहीं है। कहा कि जिला अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी पर तैनात कई डॉक्टर अपने सेटिंग वाले मेडिकल स्टोरों पर मरीजों को दवा लेने के लिए भेजते हैं। बावजूद इसके उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है। बबुरी गांव निवासी रामप्रवेश प्रजापति और भड़कना गांव के रहने वाले प्रमोद ने कहा कि डॉक्टरों द्वारा मरीजों को जेनेरिक दवाएं नाममात्र की लिखी जा रही है। कहा कि जिला प्रशासन गोपनीय तरीके से इसकी जांच कराए तो सच्चाई खुलकर सामने आ जाएगी। उधर सीएमओ डॉ. एसपी सिंह ने कहा कि राजकीय अस्पतालों में सभी रोग की पर्याप्त दवाएं है। जरूरत पड़ने पर चिकित्सकों को जेनेरिक दवाएं लिखने का निर्देश दिया गया है। रोक के बावजूद अगर कोई डॉक्टर बाहर की दवा लिखता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को लिखापढ़ी की जाएगी।
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