ओबरा। भारतीय छात्र उत्थान समिति के संरक्षक विजयशंकर यादव ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर भारतीय शैक्षिक संस्थानों में शिक्षा के स्तर को मजबूत करने एवं सांस्कारिक बनाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि छात्रसंघ के चुनाव में छात्र अपनी समस्याओं के निदान के लिए अपना नेता चुनते हैं। लेकिन छात्रसंघ सिर्फ राजनैतिक दलों के प्रचार प्रसार का जरिया बन गया है। निर्वाचित छत्रसंघ के पदाधिकारी किसी न किसी राजनैतिक दल की सदस्यता लेकर पूरे समय तक कालेज कैंपस को किसी न किसी दल का अखाड़ा बना देते हैं। वहीं राजनीतिक व्यक्ति पूरे समय छात्रसंघ के पदाधिकारियों को अपने दल के प्रचार प्रसार के लिए इस्तेमाल करते हैं। दल विशेष के नेता द्वारा छात्रसंघ उदघाटन के नाम पर विवाद का रूप धारण होना स्वभाविक हो जाता है। इनकी मांगों में मुख्य रूप से छात्रसंघ के निर्वाचित पदाधिकारी यदि किसी दल की सदस्यता लेते हैं तो छात्रसंघ के पदाधिकारी को पद से निस्कासित किया जाए, कालेज विश्वविद्यालयों में राजनैतिक दलों के प्रचार प्रसार पर पूणज्तया रोक लगाई जाए, छात्रसंघ उदघाटन वरिष्ठ शिक्षक, समाजसेवी, पत्रकार, संगीतकार, कवि, खिलाड़ी, प्रशासनिक व न्यायिक अधिकारियों जैसे व्यक्तियों द्वारा ही कराया जाए जो किसी राजनैतिक दल विशेष का सदस्य न हो तभी छात्रसंघ विवादों से दूर रह सकेगा।