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एनसीएल बीना के महाप्रबंधक से जवाब-तलब
Updated Thu, 28 Dec 2017 10:37 PM IST
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बीना । म्योरपुर ब्लाक के जमशीला में भूमि अधिग्रहण के बाद विस्थापित परिवार को मुआवजा व नौकरी न देने के मामले को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। पीड़ित परिवार की शिकायत पर उपजिलाधिकारी दुद्धी ने बीना परियोजना के महाप्रबंधक से जवाब तलब किया है। एसडीएम ने मामले का जल्द निस्तारण कर आख्या प्रस्तुत करने का निर्देश जारी किया है।
म्योपुर ब्लाक के घरसड़ी गांव निवासी नीरज दूबे पुत्र कृष्ण दूबे ने ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता का कहना था कि उसे वर्ग चार की जमीन का न तो मुआवजा मिला और न ही नौकरी ही मिली। एसडीएम ने मामले को गंभीरता से लिया और राजस्व निरीक्षक पिपरी से मामले की जांच कराई गई। जांच में खुलासा हुआ कि नीरज दूबे के दादा शंकर प्रसाद के नाम से जमशीला मेें वर्ग चार की जमीन दर्ज है। जिसे एनसीएल की बीना परियोजना ने अधिग्रहित किया है। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि भूमि तो अधिग्रहण कर ली गई लेकिन विस्थापित परिवार को न तो मुआवजा मिला और न ही परिवार के किसी सदस्य को नौकरी दी गई। एसडीएम ने इस मामले से जिलाधिकारी को भी अवगत कराया। एसडीएम ने महाप्रबंधक को सात दिनों के भीतर मामले का निस्तारण कर आख्या मांगी है। एनसीएल बीना परियोजना के स्टाफ अधिकारी योगेश सिंह के मुताबिक इस मामले के निस्तारण की कार्यवाही शुरू हो गई है। जल्द ही मामले का निस्तारण कर दिया जाएगा।
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म्योपुर ब्लाक के घरसड़ी गांव निवासी नीरज दूबे पुत्र कृष्ण दूबे ने ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता का कहना था कि उसे वर्ग चार की जमीन का न तो मुआवजा मिला और न ही नौकरी ही मिली। एसडीएम ने मामले को गंभीरता से लिया और राजस्व निरीक्षक पिपरी से मामले की जांच कराई गई। जांच में खुलासा हुआ कि नीरज दूबे के दादा शंकर प्रसाद के नाम से जमशीला मेें वर्ग चार की जमीन दर्ज है। जिसे एनसीएल की बीना परियोजना ने अधिग्रहित किया है। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि भूमि तो अधिग्रहण कर ली गई लेकिन विस्थापित परिवार को न तो मुआवजा मिला और न ही परिवार के किसी सदस्य को नौकरी दी गई। एसडीएम ने इस मामले से जिलाधिकारी को भी अवगत कराया। एसडीएम ने महाप्रबंधक को सात दिनों के भीतर मामले का निस्तारण कर आख्या मांगी है। एनसीएल बीना परियोजना के स्टाफ अधिकारी योगेश सिंह के मुताबिक इस मामले के निस्तारण की कार्यवाही शुरू हो गई है। जल्द ही मामले का निस्तारण कर दिया जाएगा।
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