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Sonebhadra News: जिले में 171 वक्फ संपत्ति, सरकारी रिकॉर्ड में एक भी नहीं
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शासन के निर्देश पर वक्फ संपत्तियों की खोजबीन की जा रही है। जिला स्तरीय समिति की जांच में अब तक एक भी स्थान पर सरकारी रिकॉर्ड में वक्फ की संपत्ति नहीं मिली है। हालांकि सुन्नी वक्फ बोर्ड का दावा है कि यहां 171 संपत्तियां उनकी हैं।
यह संपत्तियां रिकॉर्ड में ग्राम समाज या किसी अन्य के नाम पर ही दर्ज हैं। अब इन संपत्तियों के पूर्व की स्थिति खंगाली जाएगी। वक्फ के नाम सरकारी व निजी जमीनों पर कब्जे की शिकायतों के बाद शासन ने इसका ब्योरा खंगालना शुरू किया है। हर जिले में इसकी संपत्ति खंगाली जा रही है।
इसके लिए तहसील स्तर पर राजस्व अधिकारियों को लगाया गया है। लंबी माथापच्ची व कई फसली वर्षों के रिकॉर्ड खंगाले के बाद भी जिले चारों तहसीलों के किसी राजस्व अभिलेख में कहीं भी वक्फ के नाम पर कोई संपत्ति दर्ज नहीं मिली है।
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कुछ स्थानों पर सुन्नी वक्फ बोर्ड की ओर से दावा किया गया है, लेकिन उन जमीनों पर भी ग्राम समाज या किसी व्यक्ति विशेष का नाम ही अंकित है। माना जा रहा है कि पूर्व में वक्फ के नाम पर वह जमीन भले ही ले ली गई, लेकिन उसका नामांतरण ही नहीं कराया गया।
इसके पीछे भू स्वामी की सहमति न होने की मंशा भी कारण हो सकती है। ऐसे में उस पर वक्फ का दावा पुख्ता नहीं माना जा सकता। फिलहाल इन जमीनों के पुराने रिकॉर्ड को खंगाला जा रहा है। यह देखा जाएगा कि पूर्व के फसली वर्षों में यह संपत्ति किसके नाम रही है।
शासन के निर्देश पर सभी तहसीलों में वक्फ संपत्तियों की जांच कराई जा गई है। सुन्नी वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष की ओर से 171 संपत्तियों का दावा जरूर किया गया है, लेकिन राजस्व के रिकाॅर्ड में कहीं भी वक्फ के नाम पर कोई जमीन या संपत्ति नहीं मिली है। इसकी सूचना शासन को भेजी गई है। वहां से मिले निर्देश पर आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
-सुधांशु शेखर शर्मा, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी।
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यह संपत्तियां रिकॉर्ड में ग्राम समाज या किसी अन्य के नाम पर ही दर्ज हैं। अब इन संपत्तियों के पूर्व की स्थिति खंगाली जाएगी। वक्फ के नाम सरकारी व निजी जमीनों पर कब्जे की शिकायतों के बाद शासन ने इसका ब्योरा खंगालना शुरू किया है। हर जिले में इसकी संपत्ति खंगाली जा रही है।
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इसके लिए तहसील स्तर पर राजस्व अधिकारियों को लगाया गया है। लंबी माथापच्ची व कई फसली वर्षों के रिकॉर्ड खंगाले के बाद भी जिले चारों तहसीलों के किसी राजस्व अभिलेख में कहीं भी वक्फ के नाम पर कोई संपत्ति दर्ज नहीं मिली है।
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कुछ स्थानों पर सुन्नी वक्फ बोर्ड की ओर से दावा किया गया है, लेकिन उन जमीनों पर भी ग्राम समाज या किसी व्यक्ति विशेष का नाम ही अंकित है। माना जा रहा है कि पूर्व में वक्फ के नाम पर वह जमीन भले ही ले ली गई, लेकिन उसका नामांतरण ही नहीं कराया गया।
इसके पीछे भू स्वामी की सहमति न होने की मंशा भी कारण हो सकती है। ऐसे में उस पर वक्फ का दावा पुख्ता नहीं माना जा सकता। फिलहाल इन जमीनों के पुराने रिकॉर्ड को खंगाला जा रहा है। यह देखा जाएगा कि पूर्व के फसली वर्षों में यह संपत्ति किसके नाम रही है।
शासन के निर्देश पर सभी तहसीलों में वक्फ संपत्तियों की जांच कराई जा गई है। सुन्नी वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष की ओर से 171 संपत्तियों का दावा जरूर किया गया है, लेकिन राजस्व के रिकाॅर्ड में कहीं भी वक्फ के नाम पर कोई जमीन या संपत्ति नहीं मिली है। इसकी सूचना शासन को भेजी गई है। वहां से मिले निर्देश पर आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
-सुधांशु शेखर शर्मा, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी।