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देश से कुछ भी बड़ा नहीं इंसान के लिए..
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सोनभद्र। शहीद स्थल प्रबंधन ट्रस्ट करारी की तरफ से विकासनगर में डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष आत्मप्रकाश तिवारी के आवास पर भगत सिंह, सुखदेव राजगुरु का बलिदान दिवस मनाया गया। इस दौरान कवि गोष्ठी और विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। अध्यक्षता कर रहे साहित्यकार अजयशेखर और विशिष्टि अतिथि कथाकार रामनाथ शिवेंद्र ने मां सरस्वती और शहीदों के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सरस्वती वंदना से कार्यक्रम को गति दी गई और उल्लेखनीय कार्य के लिए भोलानाथ मिश्र, नजर मोहम्मद नजर, इसरार अहमद खां, राकेश शरण मिश्र को अंकवस्त्रम और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया।
अजय शेखर ने शहीद-ए-आजम भगत सिंह और सुखदेव राजगुरू से जुड़े संस्मरणों का जिक्र करते हुए सम-सामयिक राजनीति का विश्लेषण किया। रामनाथ शिवेंद्र ने पढ़ना चाहता हूं पवित्र पोथी.., भोलानाथ मिश्र ने आप अपने आप में पूर्ण हैं, वीर शहीदों को नमन.., इसरार अहमद खां ने छाई है रहमतों की घटा कुछ न पूछिए.., नजर मोहम्मद नजर ने वतन के वास्ते जो लोग सर अपना कटाते हैं.., ट्रस्ट प्रबंधक प्रद्युम्न तिवारी ने अंत:करण से मैं सिर्फ भारत का भक्त हूं.., दीपक कुमार केशरीवानी ने होली आधारित कविता, एडवोकेट धर्मेश चौहान ने देश से कुछ भी बड़ा नहीं इंसान के लिए.. रचना सुनाई। जयराम सोनी, मोहित पांडेय, अमरनाथ अजेय, दयानंद दयालु, बृजमोहन त्रिपाठी, अरूण त्रिपाठी, गोपाल कुशवाहा, दिवाकर विजयगढ़ी, राधेध्याम पाल ने भी एक से बढ़कर एक रचनाएं पढ़ी। संचालन कर रहे अधिवक्ता अशोक तिवारी ने रचनाओं से देशभक्ति का संदेश दिया। आत्मप्रकाश तिवारी ने आभार ज्ञापित किया। वेदमणि त्रिपाठी, श्यामलाल ठाकुर कुशवाहा, फारूख अली, शिखा त्रिपाठी, बचऊ कुशवाहा, संतोष सिंह, एडवोकेट अशोक श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
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अजय शेखर ने शहीद-ए-आजम भगत सिंह और सुखदेव राजगुरू से जुड़े संस्मरणों का जिक्र करते हुए सम-सामयिक राजनीति का विश्लेषण किया। रामनाथ शिवेंद्र ने पढ़ना चाहता हूं पवित्र पोथी.., भोलानाथ मिश्र ने आप अपने आप में पूर्ण हैं, वीर शहीदों को नमन.., इसरार अहमद खां ने छाई है रहमतों की घटा कुछ न पूछिए.., नजर मोहम्मद नजर ने वतन के वास्ते जो लोग सर अपना कटाते हैं.., ट्रस्ट प्रबंधक प्रद्युम्न तिवारी ने अंत:करण से मैं सिर्फ भारत का भक्त हूं.., दीपक कुमार केशरीवानी ने होली आधारित कविता, एडवोकेट धर्मेश चौहान ने देश से कुछ भी बड़ा नहीं इंसान के लिए.. रचना सुनाई। जयराम सोनी, मोहित पांडेय, अमरनाथ अजेय, दयानंद दयालु, बृजमोहन त्रिपाठी, अरूण त्रिपाठी, गोपाल कुशवाहा, दिवाकर विजयगढ़ी, राधेध्याम पाल ने भी एक से बढ़कर एक रचनाएं पढ़ी। संचालन कर रहे अधिवक्ता अशोक तिवारी ने रचनाओं से देशभक्ति का संदेश दिया। आत्मप्रकाश तिवारी ने आभार ज्ञापित किया। वेदमणि त्रिपाठी, श्यामलाल ठाकुर कुशवाहा, फारूख अली, शिखा त्रिपाठी, बचऊ कुशवाहा, संतोष सिंह, एडवोकेट अशोक श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
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