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स्वामी सानंद का जिले से था गहरा नाता
Updated Thu, 11 Oct 2018 10:48 PM IST
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सोनभद्र। गंगा की सफाई के लिए आंदोलनरत प्रोफेसर स्वामी ज्ञान स्वरूप सानंद ( प्रोफेसर जीडी अग्रवाल) के निधन से सोनांचल में शोक की लहर है। सोनभद्र से उनका गहरा नाता था। म्योरपुर में स्थित बनवासी सेवा आश्रम से जुड़कर उन्होंने जिले में प्रदूषण, अवैध कटान समेत कई मुद्दों को उठाया था। विभिन्न संगठनों ने शोक सभा कर उनके निधन पर शोक जताया है और उनके निधन को देश के लिए अपूरणीय क्षति बताया है।
बनवासी सेवा आश्रम के अध्यक्ष अजय शेखर ने कहा कि गंगा के लिए लड़ने वाले स्वामी सानंद का निधन देश के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने जिले के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किया है। विजय विनीत ने सानंद के निधन पर शोक जताया और कहा कि केंद्र सरकार गंगा के नाम पर लोगों को ठगने का कार्य कर रही है। म्योरपुर: बनवासी सेवा आश्रम से जुड़े लोगों ने स्वामी सानंद के निधन को अपूर्णीय क्षति बताया है। गंगा के लिए आंदोलन के शुरुआती दौर से बनवासी सेवा आश्रम से जुड़े और अपने स्वयं के सहयोग से आश्रम के कार्यक्रमों व कार्यों को गति दी। आश्रम में रहकर उन्होंने पर्यावरण प्रदूषण को लेकर बहुत से काम किए। बनवासी सेवा आश्रम के कार्यकर्ताओं को खड़ा कर एनजीटी में मुकदमे के लिए भी प्रेरित किया। आश्रम की डॉ. विभा बहन, विमल सिंह, देवनाथ सिंह, केवला दुबे, उमेश चौबे, राधेकृष्ण ने उनके निधन पर शोक जताया है। दुद्धी: पर्यावरण बचाओ संघर्ष समिति की बैठक गुरुवार को नगर में हुई। इसमें सानंद के निधन पर शोक जताया गया। वक्ताओं ने कहा कि मां गंगा के सच्चे सपूत के अंत के साथ एक युग का अंत हो गया। सानंद पिछले 111 दिनों से अनशन पर थे। मंगलवार को उन्होंने जल का भी त्याग कर दिया। यहां महामंत्री जितेंद्र चंद्रवंशी, अवधनारायण यादव, चंद्रदेव पाल, रामसहाय, आशा रावत, कमलेश मोहन, चित्रांगद दुबे, शिवशंकर यादव, राजेंद्र प्रसाद सिंह, प्रेमचंद्र यादव, प्रभु सिंह मौजूद रहे। विंढमगंज: स्वामी सानंद के निधन पर लोगों ने सूर्य मंदिर परिसर में शोक सभा किया। यहां मोमबत्ती जलाकर उन्हें श्रद्घांजलि दिया। दो मिनट का मौन रखा। यहां सन क्लब के संयोजक प्रभात कुमार ने कहा कि स्वामी सानंद के मृत्यु का जिम्मेदार केंद्र की मोदी सरकार है। यहां क्लब के अध्यक्ष रमेश चंद्र, ओम प्रकाश यादव, नंदकिशोर गुप्ता, अजय यादव, लवकुश चंद्रवंशी, उदय जयसवाल मौजूद रहे।
बनवासी सेवा आश्रम के अध्यक्ष अजय शेखर ने कहा कि गंगा के लिए लड़ने वाले स्वामी सानंद का निधन देश के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने जिले के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किया है। विजय विनीत ने सानंद के निधन पर शोक जताया और कहा कि केंद्र सरकार गंगा के नाम पर लोगों को ठगने का कार्य कर रही है। म्योरपुर: बनवासी सेवा आश्रम से जुड़े लोगों ने स्वामी सानंद के निधन को अपूर्णीय क्षति बताया है। गंगा के लिए आंदोलन के शुरुआती दौर से बनवासी सेवा आश्रम से जुड़े और अपने स्वयं के सहयोग से आश्रम के कार्यक्रमों व कार्यों को गति दी। आश्रम में रहकर उन्होंने पर्यावरण प्रदूषण को लेकर बहुत से काम किए। बनवासी सेवा आश्रम के कार्यकर्ताओं को खड़ा कर एनजीटी में मुकदमे के लिए भी प्रेरित किया। आश्रम की डॉ. विभा बहन, विमल सिंह, देवनाथ सिंह, केवला दुबे, उमेश चौबे, राधेकृष्ण ने उनके निधन पर शोक जताया है। दुद्धी: पर्यावरण बचाओ संघर्ष समिति की बैठक गुरुवार को नगर में हुई। इसमें सानंद के निधन पर शोक जताया गया। वक्ताओं ने कहा कि मां गंगा के सच्चे सपूत के अंत के साथ एक युग का अंत हो गया। सानंद पिछले 111 दिनों से अनशन पर थे। मंगलवार को उन्होंने जल का भी त्याग कर दिया। यहां महामंत्री जितेंद्र चंद्रवंशी, अवधनारायण यादव, चंद्रदेव पाल, रामसहाय, आशा रावत, कमलेश मोहन, चित्रांगद दुबे, शिवशंकर यादव, राजेंद्र प्रसाद सिंह, प्रेमचंद्र यादव, प्रभु सिंह मौजूद रहे। विंढमगंज: स्वामी सानंद के निधन पर लोगों ने सूर्य मंदिर परिसर में शोक सभा किया। यहां मोमबत्ती जलाकर उन्हें श्रद्घांजलि दिया। दो मिनट का मौन रखा। यहां सन क्लब के संयोजक प्रभात कुमार ने कहा कि स्वामी सानंद के मृत्यु का जिम्मेदार केंद्र की मोदी सरकार है। यहां क्लब के अध्यक्ष रमेश चंद्र, ओम प्रकाश यादव, नंदकिशोर गुप्ता, अजय यादव, लवकुश चंद्रवंशी, उदय जयसवाल मौजूद रहे।
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