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कार्य से निकाले जाने पर महिला श्रमिकों में आक्रोश
Updated Wed, 04 Jul 2018 11:24 PM IST
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अनपरा। एक हजार मेगावाट की अनपरा डी परियोजना में संविदा के तहत कार्यरत एक दर्जन से अधिक महिलाओं ने संविदा कंपनी पर बिना नोटिस के छंटनी का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन कर अनपरा थानाध्यक्ष को ज्ञापन सौंपा।
अनपरा डी परियोजना में संविदा के तहत कार्यरत नीलम देवी, सावित्री, किसमत, फुलमति, सजरून निशा, देवमति, लालमति आदि ने आरोप लगाया कि वह विगत एक ही जाब पर तीन साल से काम कर रहीं हैं । इससे पहले व एलएनटी में कार्य कर रही थी। जिसका टेंडर समाप्त होने पर आका कंपनी कार्य करना शुरू किया। दो माह तक कंपनी में कार्य करने के बाद एक जुलाई से उनको बिना कारण बताओ ही कार्य से विरत कर दिया गया। जिससे उनके समक्ष आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। यह भी कहा कि उनकी जमीनों पर परियोजनाएं आबाद हो गयी और रोजी रोटी के लिए उन्हें दर-दर की ठोकरे खानी पड़ रही है। किसी प्रकार से काम मिला तो आज कंपनी तानाशाही पर उतर आयी है। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें कार्य पर वापस नहीं रखा गया तो वह आंदोलन के लिए बाध्य होंगी। अनपरा डी परियोजना के जीएम चण्डी प्रसाद मिश्रा ने कहा कि मामला संज्ञान में नहीं आया है। यदि पीड़ित मामले की शिकायत लेकर आते है तो कार्रवाई की जायेगी।
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अनपरा डी परियोजना में संविदा के तहत कार्यरत नीलम देवी, सावित्री, किसमत, फुलमति, सजरून निशा, देवमति, लालमति आदि ने आरोप लगाया कि वह विगत एक ही जाब पर तीन साल से काम कर रहीं हैं । इससे पहले व एलएनटी में कार्य कर रही थी। जिसका टेंडर समाप्त होने पर आका कंपनी कार्य करना शुरू किया। दो माह तक कंपनी में कार्य करने के बाद एक जुलाई से उनको बिना कारण बताओ ही कार्य से विरत कर दिया गया। जिससे उनके समक्ष आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। यह भी कहा कि उनकी जमीनों पर परियोजनाएं आबाद हो गयी और रोजी रोटी के लिए उन्हें दर-दर की ठोकरे खानी पड़ रही है। किसी प्रकार से काम मिला तो आज कंपनी तानाशाही पर उतर आयी है। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें कार्य पर वापस नहीं रखा गया तो वह आंदोलन के लिए बाध्य होंगी। अनपरा डी परियोजना के जीएम चण्डी प्रसाद मिश्रा ने कहा कि मामला संज्ञान में नहीं आया है। यदि पीड़ित मामले की शिकायत लेकर आते है तो कार्रवाई की जायेगी।
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