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दो पारेषण लाइनों में खराबी से उत्पादन लुढ़का
Updated Fri, 29 Dec 2017 10:21 PM IST
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सोनभद्र (अनपरा)। अनपरा से उन्नाव व मऊ गई पारेषण लाइनों में शुक्रवार की सुबह खराबी से हड़कंप मच गया। इन दोनों लाइनों में आई तकनीकी खराबी के कारण अनपरा तापीय परियोजना को करीब साढ़े आठ सौ मेगावाट बिजली उत्पादन घटाना पड़ा। हालांकि शाम चार बजे तक पारेषण लाइनों के ठीक होने के बाद उत्पादन में सुधार संभव हो सका।
अनपरा से उन्नाव व मऊ दो पारेषण लाइनों में शुक्रवार की सुबह अचानक खराबी आ गई। तकनीकी खराबी की जानकारी मिलते ही उत्पादन निगम के अधिकारियों के निर्देश पर अनपरा परियोजना प्रशासन को 846 मेगावाट विद्युत उत्पादन घटाना पड़ा। जिसकी वजह से अनपरा का उत्पादन 19 सौ मेगावाट से लुढ़क कर 1288 मेगावाट पर आ गया। अचानक पारेषण लाइनों में आई खराबी के कारण उत्पादन निगम से लेकर परियोजना प्रशासन के अधिकारियों के म.ाथे पर बल पड़ गया। युद्ध स्तर पर दोनों पारेषण लाइनों की तकनीकी खराबी को दूर करने में इंजीनियरों की टीम लग गई। कामयाबी शाम चार बजे मिली। इसके बाद अनपरा के उत्पादन को बढ़ाया गया। शाम चार बजे अनपरा से 1923, ओबरा से 503, पारीछा से 475 व हरदुआगंज से 494 मेगावाट विद्युत उत्पादन हो रहा था, जबकि 175 मेगावाट थर्मल बैकिंग भी की जा रही थी। अनपरा परियोजना के मुख्य महाप्रंबधक एके सिंह ने बताया कि पारेषण लाइन में आई खराबी के कारण उच्चाधिकारियों के निर्देश पर उत्पादन कम करना पड़ा लेकिन शाम को स्थिति नियंत्रण में आ गई।
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अनपरा से उन्नाव व मऊ दो पारेषण लाइनों में शुक्रवार की सुबह अचानक खराबी आ गई। तकनीकी खराबी की जानकारी मिलते ही उत्पादन निगम के अधिकारियों के निर्देश पर अनपरा परियोजना प्रशासन को 846 मेगावाट विद्युत उत्पादन घटाना पड़ा। जिसकी वजह से अनपरा का उत्पादन 19 सौ मेगावाट से लुढ़क कर 1288 मेगावाट पर आ गया। अचानक पारेषण लाइनों में आई खराबी के कारण उत्पादन निगम से लेकर परियोजना प्रशासन के अधिकारियों के म.ाथे पर बल पड़ गया। युद्ध स्तर पर दोनों पारेषण लाइनों की तकनीकी खराबी को दूर करने में इंजीनियरों की टीम लग गई। कामयाबी शाम चार बजे मिली। इसके बाद अनपरा के उत्पादन को बढ़ाया गया। शाम चार बजे अनपरा से 1923, ओबरा से 503, पारीछा से 475 व हरदुआगंज से 494 मेगावाट विद्युत उत्पादन हो रहा था, जबकि 175 मेगावाट थर्मल बैकिंग भी की जा रही थी। अनपरा परियोजना के मुख्य महाप्रंबधक एके सिंह ने बताया कि पारेषण लाइन में आई खराबी के कारण उच्चाधिकारियों के निर्देश पर उत्पादन कम करना पड़ा लेकिन शाम को स्थिति नियंत्रण में आ गई।
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