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डेढ़ लाख बच्चों के लिए अभिभावकों के खाते में भेजे गए साढ़े 16 करोड़

Sun, 07 Nov 2021 11:00 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 07 Nov 2021 11:00 PM IST
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16 and a half crore sent to parents' account for 1.5 lakh children
परिषदीय विद्यालयों में नामांकित जिले के डेढ़ लाख बच्चों के लिए सरकार ने अभिभावकों के खाते में 1100 रुपये की दर से राशि भेज दी है। इस धनराशि से बच्चों के लिए दो जोड़ी ड्रेस, जूता-मोजा, स्वेटर और बैग खरीदा जाना है। बढ़ती महंगाई में इस राशि को अभिभावक अपर्याप्त बता रहे हैं। वहीं 1.20 लाख बच्चे अब भी शासन से धनराशि मिलने की बाट जोह रहे हैं। सर्दी का दौर शुरू होने के बाद भी उनके लिए जूता-मोजा, स्वेटर आदि का इंतजाम नहीं हो पाया है।
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जिले के 2061 परिषदीय विद्यालयों में करीब 2.70 लाख छात्र-छात्रा पंजीकृत हुए हैं। पंजीकृत बच्चों को सरकार अब तक अपने स्तर से जूता-मोजा, बैग, ड्रेस आदि का वितरण कराती रही है। इसमें गड़बड़ी और घोटालों की शिकायतों के मद्देनजर इस बार व्यवस्था में बदलाव किया गया है। डीबीटी के जरिए हर बच्चे के अभिभावक के खाते में सीधे धनराशि भेजी जा रही है। पहले चरण में शनिवार की देर शाम जिले के डेढ़ लाख बच्चों के अभिभावकों के खाते में साढ़े 16 करोड़ से अधिक की राशि भेजी गई है। अभिभावकों की मुश्किल यह है कि बढ़ती महंगाई में वह इतने पैसे में गुणवत्तापूर्ण सभी सामान की खरीदारी कैसे करें। अभिभावक सुरेश कुमार, विजय, शकुंतला आदि का कहना है कि सरकार जब खुद वितरण कराती थी तो ड्रेस के मद में आपूर्ति करने वाली फर्मों को तीन सौ रुपये प्रति ड्रेस की दर से भुगतान करती थी, वह भी तब एक साथ सैकड़ों-हजारों ड्रेस की आपूर्ति ली जाती थी। अब तीन सौ रुपये में एक ड्रेस मिलना मुश्किल है। इसी तरह जूता-मोजा और स्वेटर की खरीदारी के लिए यह धनराशि अपर्याप्त है। छोटे बच्चों के लिए तो फिर भी किसी तरह व्यवस्था कर ली जाए, लेकिन बड़े बच्चों के लिए दिक्कतें बढ़ गई हैं।
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दो जोड़ी ड्रेस, जूता-मोजा, स्वेटर और बैग के लिए पहले 1056 रुपये निर्धारित थे, लेकिन सभी अभिभावकों के खाते में 1100-1100 रुपये भेजे गए हैं। निर्धारित सामानों की खरीदारी के लिए यह राशि कम नहीं है। पहले भी करीब इतने में ही सामान खरीदे जाते रहे हैं। शेष बच्चों के अभिभावकों के खाते में भी शीघ्र पैसा भेज दिया जाएगा। -हरिवंश कुमार, बीएसए।
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