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ओवरलोडिंग पर प्रतिबंध न लगा तो होगा आंदोलन
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रेणुकूट। सोनभद्र मोटर एसोसिएशन की रविवार को मुर्धवा स्थित कार्यालय में हुई बैठक में ओवरलोडिंग तत्काल बंद कराने की मांग उठाई गई। कहा गया कि ऐसा नहीं होने आंदोलन किया जाएगा।
वक्ताओं ने जिला प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार के स्पष्ट आदेश के बाद भी खुलेआम ओवरलोडिंग किया जाना प्रशासन की मिलीभगत की ओर इशारा करता है। ओवरलोड वाहनों के चलने से सड़कें टूट रही हैं, जिससे दुर्घटनाओं में इजाफा हुआ है। इलाके में औद्योगिक संस्थानों से निकलने वाले मैटेरियल खास तौर पर फ्लाई ऐश की भी ओवरलोडिंग कराई जाती है। औद्योगिक संस्थानों द्वारा अपने प्लांट परिसर से ही ट्रांसपोर्टर एवं वाहन स्वामियों को छूट देकर ओवरलोड राख लदवाया जाता है जिससे सरकारी खजाने पर बुरा असर पड़ रहा है।
ओवरलोड वाहनों के चलते जिले भर में अधिकतर सड़कें गड्ढा युक्त व टूटी अवस्था में हो गई हैं। औद्योगिक संस्थानों में प्रयोग किए गए कोयले से उत्सर्जित राख को लोड कर ले जा रहे वाहन भार ज्यादा होने के चलते अक्सर सड़क किनारे गिरा देते हैं जिससे पर्यावरण एवं मनुष्यों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ता है। सोनभद्र मोटर एसोसिएशन के सदस्य व रेणुकूट व्यापार मंडल अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि सरकार द्वारा ओवरलोडिंग पर रोक लगाने के लिए गाइडलाइन में कहा गया है कि ओवरलोडिंग करने और कराने वाले बराबर के दोषी माने जाएंगे। ऐसा पाए जाने पर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई किया जाएगा लेकिन सरकार के नियमों की अवहेलना इलाके में अवस्थित औद्योगिक संस्थान और ट्रांसपोर्ट कर रहे हैं। उन्होंने चेताया कि जल्द ओवरलोडिंग, राख और रेड मड के निस्तारण पर रोक नहीं लगा तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। विहिप के जिलाध्यक्ष व एसोसिएशन के सदस्य राजेश सिंह ने कहा कि वर्तमान सरकार ओवरलोडिंग रोकने में पूरी तरह से नाकाम रही है। बैठक में सत्य प्रकाश पांडेय, सज्जन अग्रवाल, वीरेंद्र यादव, गोपाल सिंह, कौशल पांडेय, विजय गुप्ता, अन्नू अग्रवाल, देवेंद्र सिंह, तुफैल खान, मनोज राय, सतीश चौबे मौजूद रहे।
वक्ताओं ने जिला प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार के स्पष्ट आदेश के बाद भी खुलेआम ओवरलोडिंग किया जाना प्रशासन की मिलीभगत की ओर इशारा करता है। ओवरलोड वाहनों के चलने से सड़कें टूट रही हैं, जिससे दुर्घटनाओं में इजाफा हुआ है। इलाके में औद्योगिक संस्थानों से निकलने वाले मैटेरियल खास तौर पर फ्लाई ऐश की भी ओवरलोडिंग कराई जाती है। औद्योगिक संस्थानों द्वारा अपने प्लांट परिसर से ही ट्रांसपोर्टर एवं वाहन स्वामियों को छूट देकर ओवरलोड राख लदवाया जाता है जिससे सरकारी खजाने पर बुरा असर पड़ रहा है।
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ओवरलोड वाहनों के चलते जिले भर में अधिकतर सड़कें गड्ढा युक्त व टूटी अवस्था में हो गई हैं। औद्योगिक संस्थानों में प्रयोग किए गए कोयले से उत्सर्जित राख को लोड कर ले जा रहे वाहन भार ज्यादा होने के चलते अक्सर सड़क किनारे गिरा देते हैं जिससे पर्यावरण एवं मनुष्यों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ता है। सोनभद्र मोटर एसोसिएशन के सदस्य व रेणुकूट व्यापार मंडल अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि सरकार द्वारा ओवरलोडिंग पर रोक लगाने के लिए गाइडलाइन में कहा गया है कि ओवरलोडिंग करने और कराने वाले बराबर के दोषी माने जाएंगे। ऐसा पाए जाने पर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई किया जाएगा लेकिन सरकार के नियमों की अवहेलना इलाके में अवस्थित औद्योगिक संस्थान और ट्रांसपोर्ट कर रहे हैं। उन्होंने चेताया कि जल्द ओवरलोडिंग, राख और रेड मड के निस्तारण पर रोक नहीं लगा तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। विहिप के जिलाध्यक्ष व एसोसिएशन के सदस्य राजेश सिंह ने कहा कि वर्तमान सरकार ओवरलोडिंग रोकने में पूरी तरह से नाकाम रही है। बैठक में सत्य प्रकाश पांडेय, सज्जन अग्रवाल, वीरेंद्र यादव, गोपाल सिंह, कौशल पांडेय, विजय गुप्ता, अन्नू अग्रवाल, देवेंद्र सिंह, तुफैल खान, मनोज राय, सतीश चौबे मौजूद रहे।
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