{"_id":"5cfe9941bdec2207680ed40d","slug":"15601892415-sonbhadra-news89","type":"story","status":"publish","title_hn":"जल संचयन के लिए शुरू हुआ निर्माण कार्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जल संचयन के लिए शुरू हुआ निर्माण कार्य
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
बभनी। बलॉक क्षेत्र में जल संरक्षण को लेकर प्रशासन पूरी तरह से तैयार हो गया है। इसको लेकर कार्रवाई तेज कर दी गई है। गांवों में तालाब, बाऊली और खेत तालाब का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है। 40 ग्राम पंचायतों वाले विकास खंड बभनी में 39 ग्राम पंचायतों में कार्य शुरू कर दिया गया है। जबकि एक ग्राम पंचायत सुंदरी में मनरेगा के तहत कोई भी तालाब, बाऊली का काम नही कराया जा रहा है।
अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी अविनाश शर्मा के मुताबिक सुंदरी ग्राम पंचायत कनहर के डूब क्षेत्र में प्रभावित है। इस नाते उस ग्राम पंचायत में तालाब, बाऊली का कोई भी कार्य योजना नही लिया गया है। शेष विकास खंड के 39 ग्राम पंचायतों में जल एकत्रित करने के लिए 175 तालाब, बाऊली और खेत तालाब का निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया है। उन्होंने बताया कि इससे पानी का एकत्रित करना तथा किसानों के लिए सिंचाई की भी ब्यवस्था हो सकेगी।खेतों में छोटे बडे तालाबों तथा बाऊली के निर्माण हो जाने से पानी का जल स्तर भी बना रहेगा।जल स्तर लगातार नीचे की ओर खिसकते को देखते हुए यह कदम उठाया गया है, ताकि पानी रुक सके और जल स्तर बना रहे।गांवों में काम शुरु होने े से लोगों को रोजगार भी मिल जा रहा है। अपने गांव में मजदूरी करकें अपना काम कर ले रहे हैं। शर्मा ने बताया कि अभी और भी काम ग्राम पंचायतों में कराये जाने हैं, ताकि अधिक से अधिक जल को एकत्रित किया जा सके।
अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी अविनाश शर्मा के मुताबिक सुंदरी ग्राम पंचायत कनहर के डूब क्षेत्र में प्रभावित है। इस नाते उस ग्राम पंचायत में तालाब, बाऊली का कोई भी कार्य योजना नही लिया गया है। शेष विकास खंड के 39 ग्राम पंचायतों में जल एकत्रित करने के लिए 175 तालाब, बाऊली और खेत तालाब का निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया है। उन्होंने बताया कि इससे पानी का एकत्रित करना तथा किसानों के लिए सिंचाई की भी ब्यवस्था हो सकेगी।खेतों में छोटे बडे तालाबों तथा बाऊली के निर्माण हो जाने से पानी का जल स्तर भी बना रहेगा।जल स्तर लगातार नीचे की ओर खिसकते को देखते हुए यह कदम उठाया गया है, ताकि पानी रुक सके और जल स्तर बना रहे।गांवों में काम शुरु होने े से लोगों को रोजगार भी मिल जा रहा है। अपने गांव में मजदूरी करकें अपना काम कर ले रहे हैं। शर्मा ने बताया कि अभी और भी काम ग्राम पंचायतों में कराये जाने हैं, ताकि अधिक से अधिक जल को एकत्रित किया जा सके।
विज्ञापन