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राजभाषा के उतरोतर विकास को लेकर हुई चर्चा
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अनपरा। भारतीय भाषा एवं सांस्कृतिक केंद्र नई दिल्ली द्वारा तीन दिवसीय 35वां अखिल भारतीय राजभाषा प्रशिक्षण शिविर एवं सम्मेलन होटल पाई विस्टा, मैसूर कर्नाटक में आयोजित किया गया।
राजभाषा सम्मेलन के आयोजन का मूल उदेश्य अखिल भारतीय स्तर के मंत्रालयों/विभागों/उपक्रमों/स्वायतशासी संस्थाओं आदि से आए प्रतिभागियों को संघ की राजभाषा नीति के विभिन्न पक्षों से परिचित कराना है, ताकि देश में संघ की राजभाषा का उतरोत्तर प्रगामी प्रयोग सुनिश्चित हो सकें। कार्यशाला के मुख्य अतिथि निदेशक भारतीय भाषा संस्थान मैसूर डॉ. जी डी राव एवं विशिष्ट अतिथि पूर्व प्रोफेसर मैसूर विद्यालय डॉ टिप्पे स्वामी रहेगें। इसके अतिरिक्त भारतीय भाषा एवं सांस्कृतिक केंद्र के महासचिव डॉ महिपाल सिंह, आलोक त्रिपाठी अपर महाप्रबंधक एनटीपीसी-सीपत, वी आर टमटा, अपर सचिव भाषा विभाग उत्तराखंड संजय पुरुसार्थी, लेखक के अलावा अन्य लोग मौजूद रहें। इस कार्यशाला में प्रतिभागी के रूप में एनटीपीसी-विंध्याचल परियोजना से प्रबंधक सतीश कुमार श्रीवास्तव एवं कार्यकारी सचिव वी टी उदयपन भाग लेने हेतु गये हैं।
राजभाषा सम्मेलन के आयोजन का मूल उदेश्य अखिल भारतीय स्तर के मंत्रालयों/विभागों/उपक्रमों/स्वायतशासी संस्थाओं आदि से आए प्रतिभागियों को संघ की राजभाषा नीति के विभिन्न पक्षों से परिचित कराना है, ताकि देश में संघ की राजभाषा का उतरोत्तर प्रगामी प्रयोग सुनिश्चित हो सकें। कार्यशाला के मुख्य अतिथि निदेशक भारतीय भाषा संस्थान मैसूर डॉ. जी डी राव एवं विशिष्ट अतिथि पूर्व प्रोफेसर मैसूर विद्यालय डॉ टिप्पे स्वामी रहेगें। इसके अतिरिक्त भारतीय भाषा एवं सांस्कृतिक केंद्र के महासचिव डॉ महिपाल सिंह, आलोक त्रिपाठी अपर महाप्रबंधक एनटीपीसी-सीपत, वी आर टमटा, अपर सचिव भाषा विभाग उत्तराखंड संजय पुरुसार्थी, लेखक के अलावा अन्य लोग मौजूद रहें। इस कार्यशाला में प्रतिभागी के रूप में एनटीपीसी-विंध्याचल परियोजना से प्रबंधक सतीश कुमार श्रीवास्तव एवं कार्यकारी सचिव वी टी उदयपन भाग लेने हेतु गये हैं।
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