फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sonebhadra News ›   प्रशासन ने जल संचयनए संवर्धन को लेकर तैयार की कार्य योजना

प्रशासन ने जल संचयनए संवर्धन को लेकर तैयार की कार्य योजना

Sun, 26 May 2019 11:27 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 26 May 2019 11:27 PM IST
विज्ञापन
प्रशासन ने जल संचयनए संवर्धन को लेकर तैयार की कार्य योजना
सोनभद्र। जिला प्रशासन ने जिले में पानी के संकट से निजात के लिए योजना तैयार कर ली है। प्रशासन ने जल संचयन और संवर्धन के लिए ऐसे गांवों को चयनित करना शुरू कर दिया है, जहां का जल स्तर काफी नीचे है। जहां लोग अब भी चुआड़ का पानी पीते हैं। ऐसी जगहों पर प्रशासन 15 हजार निर्माण कार्य कराएगा। इसमें राजस्थान की तर्ज पर पांच हजार टंका बनाए जाएंगे। इन पर हैंडपंप लगाया जाएगा, ताकि लोगों को आसानी से पानी मिल सके।
विज्ञापन

जिले में गर्मी के दिनों में जल स्तर नीचे जाने से भीषण जल संकट हो जाता है। इससे पीने के पानी तक की समस्या हो जाती है। लोग चुआड़ तक का पानी पीने के लिए विवश हो जाते हैं और काफी दूरी तय कर पानी लाते हैं। प्रशासन ने अब इस गंभीर समस्या के निस्तारण के लिए योजना तैयार किया है। मुख्य विकास अधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि जल संचयन और संवर्धन के लिए 15 हजार निर्माण कार्य कराए जाएंगे। इसमें राजस्थान की तर्ज पर पांच हजार टंका बनाए जाएंगे। इसका प्रयोग राजस्थान के जैसलमेर में हुआ है और काफी सफल रहा है। बारिश का पानी इस टंका में संचय किया जाएगा और उस पर एक हैंडपंप लगाया जाएगा ताकि लोग इसका पानी आसानी से ले सकें। एक टंका की क्षमता 50 हजार लीटर की होगी।
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि गर्मी के दिनों में टैंकर से पानी की आपूर्ति होती है। टंका लगने से यह समस्या भी दूर हो जाएगी। इसके अलावा 10 हजार अन्य निर्माण कार्य होंगे जिसमें खेत तालाब, तालाब, बाउली, बंधी, कूप और सोकपिट का निर्माण कराया जाएगा। सीडीओ ने बताया कि 6500 कार्यों की योजना सिक्योर साफ्टवेयर पर अपलोड हो गई है और 4500 योजना अभी तैयार होनी है। 6500 निर्माण मनरेगा से होंगे। इसमें गड्ढे की खोदाई का कार्य मशीनों से होगा। टंका का निर्माण ग्राम निधि और जिला खनिज निधि से होगा। इसमें फ्लाई ऐश की ईंट का प्रयोग होगा। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में मॉडल के तौर पर एक टंका बनाया जा रहा। उसके बनने पर पीडब्ल्यूडी से स्टीमेट तैयार कराया जाएगा। उस आधार पर अन्य जगहों पर निर्माण कार्य होगा। निर्माण कार्य की मानीटरिंग जीपीएस से होगी। सीडीओ ने बताया कि डीडीओ राम बाबू त्रिपाठी जल संरक्षण और डीपीआरओ आरके भारती की देखरेख में टंका निर्माण का कार्य होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed