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एससी-एसटी के उत्पीडन पर लगाई जाए रोक

Mon, 25 Jun 2018 10:28 PM IST
Updated Mon, 25 Jun 2018 10:28 PM IST
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एससी-एसटी के उत्पीडन पर लगाई जाए रोक
सोनभद्र। कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को जिला स्तरीय सतर्कता एवं मानीटरिंग समिति की बैठक में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लोगों पर हो रहे उत्पीड़न को बंद करने व उत्पीड़न करने वालों के खिलाफ कठोर कार्यवाही करने पर चर्चा हुई।
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दुद्धी विधायक हरीराम चेरो ने कहा शिक्षा के अभाव में जनपद के अनुसूचित जाति एवं जनजाति का उत्पीड़न न होने पाए। एससीएसटी के मामलों में कठोर कार्यवाही की जाए और यह भी कोशिश हो कि एससीएसटी के फर्जी मामले दर्ज न हों। उन्होंने वनाधिकार के पट्टों के लंबित प्रकरणों को निस्तारण करने की भी बात कही। इसके अलावा अनुसूचित एवं अनुसूचित जनजाति के बच्चों को प्राथमिकता से छात्रवृत्ति वितरण करने पर भी चर्चा हुई। अपर जिलाधिकारी उमाकांत त्रिपाठी ने बताया कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के किसी गैर जाति के व्यक्ति द्वारा कमाऊ व्यक्ति की हत्या करने पर एससी/एसटी एक्ट के तहत उसके आश्रितों को आठ लाख 25 हजार का भुगतान किया जाता है। गंभीर चोट व मारपीट की घटना होने पर एक लाख रुपये देने का प्रावधान है। इस मौके पर अपर पुलिस अधीक्षक अरूण कुमार दीक्षित, समाज कल्याण अधिकारी केएल गुप्ता समेत तमाम लोग मौजूद रहे।
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अपमान करने पर मिलता है एक लाख
अपमान जैसे अपराध के तहत पीड़ित परिवार को एक लाख रूपये की धनराशि प्रदान की जाती है। वर्ष 2018-19 में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के 14 लोगों की विवेचना रिपोर्ट प्राप्त हुई लेकिन इस मद में धनाभाव के कारण भुगतान नहीं हो पाया है।
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दुष्कर्म मामले की तीन पीड़ितों को नहीं मिली धनराशि
बलात्कार व छेड़छाड़ की घटना होने पर दो लाख रुपये पीड़ित परिवार को मुहैया कराया जाता है। वर्ष 2018-19 में दस लोगों की विवेचना प्राप्त होने के बाद सात पीड़ितों या उनके आश्रितों में आठ लाख 20 हजार रुपये की धनराशि का भुगतान ई-पेमेंट के माध्यम से कर दिया गया है, शेष तीन पीड़ित आश्रितों को धनाभाव के कारण भुगतान की कार्यवाही लंबित है ।


2018-19 में 46 व्यक्तियों की विवेचना की गई। जिसमें 27 व्यक्तियों को 20 लाख 25 हजार रुपये आश्रितों के खाते में ई-मेपेन्ट के माध्यम से भेजा जा चुका है। शेष 19 आश्रितों को धनाभाव के कारण भुगतान नहीं किया जा सका है। शासन से बजट आवंटत होते ही उनको भुगतान की कार्यवाही कर दी जायेगी। -उमाकांत त्रिपाठी, अपर जिलाधिकारी
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