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क्वैरी प्वाइंट की जांच के बाद कराया जाए टेंडर
Updated Sat, 17 Jun 2017 10:31 PM IST
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अनपरा। गलत क्वैरी प्वाइंट (वसूली स्थल) की आड़ में राज्य और राष्ट्रीय राजमार्ग पर की जाने वाली जिला पंचायत वसूली को देखते हुए, इस बार टेंडर से पहले ही विरोध की आवाज उठने लगी है। ऊर्जांचल ट्रक आपरेटर्स एसोसिएशन की तरफ से शनिवार को डीएम को पत्र सौंप हस्तक्षेप की गुहार लगाई गई है।
एसोसिएशन अध्यक्ष आद्या प्रसाद मिश्रा आदि का कहना था कि नियमानुसार दूसरे राज्यों से आने वाले कोयले से जिला पंचायत का शुल्क नहीं वसूला जा सकता। इसलिए मध्यप्रदेश सीमा से सटे दुधीचुआ में कोई क्वैरी प्वाइंट नहीं हो सकता। वहीं बीना, ककरी, दुल्लापाथर, डिबुलगंज में अनपरा डी रोड के पास हाइवे के अलावा और कोई दूसरी जगह नहीं है, जहां क्वैरी प्वाइंट बनाया जा सके। कहा है कि इसके लिए जो विधिक प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए, उसे भी नहीं अपनाया गया और जिला पंचायत के लोगों ने कार्यालय में बैठे-बैठे मनमाने तरीके से क्वैरी प्वाइंट का चयन कर ठेका कराया जा रहा है। बता दें कि 19 जून को टेंडर खुलना है। इसको देखते हुए, जांच कराकर ही, ऊर्जांचल में जिला पंचायत वसूली के लिए अनुमति दिए जाने की गुहार लगाई गई है। बता दें कि गत 17 अप्रैल को एसोसिएशन की तरफ से डीएम के साथ ही सीएम और आयुक्त को पत्र भेजकर वस्तुस्थिति से अवगत कराया गया था, जिसके बाद वसूली बंद करा दी गई थी।
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एसोसिएशन अध्यक्ष आद्या प्रसाद मिश्रा आदि का कहना था कि नियमानुसार दूसरे राज्यों से आने वाले कोयले से जिला पंचायत का शुल्क नहीं वसूला जा सकता। इसलिए मध्यप्रदेश सीमा से सटे दुधीचुआ में कोई क्वैरी प्वाइंट नहीं हो सकता। वहीं बीना, ककरी, दुल्लापाथर, डिबुलगंज में अनपरा डी रोड के पास हाइवे के अलावा और कोई दूसरी जगह नहीं है, जहां क्वैरी प्वाइंट बनाया जा सके। कहा है कि इसके लिए जो विधिक प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए, उसे भी नहीं अपनाया गया और जिला पंचायत के लोगों ने कार्यालय में बैठे-बैठे मनमाने तरीके से क्वैरी प्वाइंट का चयन कर ठेका कराया जा रहा है। बता दें कि 19 जून को टेंडर खुलना है। इसको देखते हुए, जांच कराकर ही, ऊर्जांचल में जिला पंचायत वसूली के लिए अनुमति दिए जाने की गुहार लगाई गई है। बता दें कि गत 17 अप्रैल को एसोसिएशन की तरफ से डीएम के साथ ही सीएम और आयुक्त को पत्र भेजकर वस्तुस्थिति से अवगत कराया गया था, जिसके बाद वसूली बंद करा दी गई थी।
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