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डीजल की बढ़ी कीमत ने किसानों की तोड़ी कमर
Updated Wed, 19 Sep 2018 12:01 AM IST
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सोनभद्र। डीजल की बढ़ी कीमत की मार खेती-किसानी पर भी पड़ी है। महज एक साल के भीतर दस रुपये से अधिक की बढ़ोत्तरी ने जुताई के साथ उपज ढुलाई भी महंगा कर दिया है। खाद की बढ़ी कीमत और मात्रा में कमी ने भी किसानों को चिंतित कर दिया है।
पसही निवासी विनोद पाठक का कहना है कि डीजल की बढ़ी कीमत ने जुताई के साथ उपज की ढुलाई भी महंगी कर दी है। इससे किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। घोरावल इलाके के मुंगेहरी निवासी धर्मराज पटेल ने कहा कि डीजल के साथ खाद कीमत में भी बढ़ोत्तरी ने संकट में डाल दिया है। पहले जो डीजल प्रति लीटर 64 रुपये था। वह अब 74 रुपये को पार कर गया है। खाद के कीमत में भी 60 रुपये से अधिक की बढ़ोत्तरी हुई है। पहले 50 किलो यूरिया 350 रुपये में मिलती थी। अब 45 किलो यूरिया 360 रुपये में मिल रही है। यहीं स्थित डीएपी की भी है। डीजल की बढ़ी कीमत से मालभाड़ा में हुई वृद्धि का दंश भी किसानों को ही भुगतना पड़ रहा है। घोरावल इलाके के कुसी निस्फ निवासी आरएस चौधरी, राबर्ट्र्सगंज इलाके के बुड़हर खुर्द निवासी अमरनाथ शुक्ला काज कहना है कि डीजल, खाद की बढ़ी कीमत ने खेती-किसानी महंगी तो की ही है, 50 किलो खाद वाली बोरी अब 45 किलो ही आ रही है। इसका भी सीधा असर किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
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पसही निवासी विनोद पाठक का कहना है कि डीजल की बढ़ी कीमत ने जुताई के साथ उपज की ढुलाई भी महंगी कर दी है। इससे किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। घोरावल इलाके के मुंगेहरी निवासी धर्मराज पटेल ने कहा कि डीजल के साथ खाद कीमत में भी बढ़ोत्तरी ने संकट में डाल दिया है। पहले जो डीजल प्रति लीटर 64 रुपये था। वह अब 74 रुपये को पार कर गया है। खाद के कीमत में भी 60 रुपये से अधिक की बढ़ोत्तरी हुई है। पहले 50 किलो यूरिया 350 रुपये में मिलती थी। अब 45 किलो यूरिया 360 रुपये में मिल रही है। यहीं स्थित डीएपी की भी है। डीजल की बढ़ी कीमत से मालभाड़ा में हुई वृद्धि का दंश भी किसानों को ही भुगतना पड़ रहा है। घोरावल इलाके के कुसी निस्फ निवासी आरएस चौधरी, राबर्ट्र्सगंज इलाके के बुड़हर खुर्द निवासी अमरनाथ शुक्ला काज कहना है कि डीजल, खाद की बढ़ी कीमत ने खेती-किसानी महंगी तो की ही है, 50 किलो खाद वाली बोरी अब 45 किलो ही आ रही है। इसका भी सीधा असर किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
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