{"_id":"5a677c8c4f1c1b91268b5fdc","slug":"141516731532-sonebhadra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले के असिचिंत गांवों को किया जाएगा सिंचित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले के असिचिंत गांवों को किया जाएगा सिंचित
Updated Tue, 23 Jan 2018 11:48 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोनभद्र। जिले के असिंचित गांवों को सिंचित करने की दिशा में काम शुरू हो गया है। डीएम ने कृषि विभाग से राबर्ट्सगंज, दुद्धी और घोरावल तहसील क्षेत्र के असिंचित गांवों की सूची तलब की है। शासन ने जिला प्रशासन को जिले में वर्ष 2017-18 में करीब 1.4 लाख हेक्टेयर खेतों में रबी फसल की बुआई करने का लक्ष्य दिया था।
लेकिन आवश्यकतानुसार बारिश नहीं होने के कारण लक्ष्य के सापेक्ष महज 57 हजार हेक्टेयर खेतों की ही बुआई हो पाई। लगभग 48 हजार हेक्टेयर परती रह गए। ऐसे में डीएम ने कृषि विभाग को उन गांवों की सूची तैयार कर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया जहां बारिश न होने पर खेतीबारी नहीं हो पाती। डीएम पीके उपाध्याय ने कहा कि क़ृषि विभाग को राबर्ट्सगंज, घोरावल, बभनी, चतरा, चोपन, दुद्धी, नगवां और म्योपुर के असिंचित गांवों की सूची तैयार कर उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया गया है। सूची मिलने के बाद असिंचित गांवों में उनके पास से गुजर रहे नहरों में स्विफ्ट मशीन लगाकर सिंचाई की व्यवस्था कराने के लिए प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जाएगा। शासन से हरी झंडी मिलने के बाद सिंचाई विभाग के जरिए स्विफ्ट मशीन से असिंचित गांवों को सिंचित बनाकर किसानों की समस्याओं को दूर किया जाएगा।
विज्ञापन
लेकिन आवश्यकतानुसार बारिश नहीं होने के कारण लक्ष्य के सापेक्ष महज 57 हजार हेक्टेयर खेतों की ही बुआई हो पाई। लगभग 48 हजार हेक्टेयर परती रह गए। ऐसे में डीएम ने कृषि विभाग को उन गांवों की सूची तैयार कर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया जहां बारिश न होने पर खेतीबारी नहीं हो पाती। डीएम पीके उपाध्याय ने कहा कि क़ृषि विभाग को राबर्ट्सगंज, घोरावल, बभनी, चतरा, चोपन, दुद्धी, नगवां और म्योपुर के असिंचित गांवों की सूची तैयार कर उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया गया है। सूची मिलने के बाद असिंचित गांवों में उनके पास से गुजर रहे नहरों में स्विफ्ट मशीन लगाकर सिंचाई की व्यवस्था कराने के लिए प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जाएगा। शासन से हरी झंडी मिलने के बाद सिंचाई विभाग के जरिए स्विफ्ट मशीन से असिंचित गांवों को सिंचित बनाकर किसानों की समस्याओं को दूर किया जाएगा।
विज्ञापन