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Sonebhadra News: 10 महीने में 1.40 लाख लोगों की स्क्रीनिंग, 1441 में मिले कैंसर के लक्षण

Fri, 07 Nov 2025 01:02 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 07 Nov 2025 01:02 AM IST
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1.40 lakh people screened in 10 months, 1441 found to have cancer symptoms
सोनभद्र। कैंसर का नाम सुनते ही लोगों की रुह कांप जाती है। यह ऐसी बीमारी है, जिसका उपचार आसान नहीं है। सोनभद्र में भी कैंसर के मामले तेजी से बढ़े हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस साल मुख के कैंसर की पहचान के लिए 1.40 लाख से ज्यादा लोगों की स्क्रीनिंग की गई है। इसमें 1441 लोगों में कैंसर के लक्षण मिले हैं। उन्हें जांच के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया है। प्रोस्टेट, आंत, फेफड़े और स्तन कैंसर के मामलों में भी इजाफा हुआ है। हालांकि इनकी जांच की कोई सुविधा जिले में नहीं है।
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नॉन कम्युनिकेबल डिजीज (एनसीडी) या गैर-संचारी रोग के प्रभारी डॉ. गुलाब शंकर यादव के मुताबिक कैंसर की बड़ी वजह गलत खानपान और अनियमित दिनचर्या है। मुख का कैंसर होने की बड़ी वजह पान मसाला, सिगरेट, तंबाकू ही है। लोग पहले इसे शौक के रूप में शुरू करते हैं और फिर आदी हो जाते हैं। धीरे-धीरे यह मुख और फेफड़े के कैंसर का कारण बनता है। हालांकि कैंसर होने की कई अन्य वजहें भी हैं।
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एसीएमओ डॉ. प्रेमनाथ बताते हैं कि शरीर के किसी अंग पर कोई दर्द रहित फोड़ा, पुराना घाव या गांठ हो तो तत्काल जांच करानी चाहिए। शुरुआती चरण में कैंसर की पहचान हो जाए तो समुचित उपचार किया जा सकता है। जागरूकता के अभाव में लोग लक्षणों की अनदेखी करते हैं, जो कैंसर की गंभीर बीमारी की वजह बनती है।
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न जांच की सुविधा न उपचार की
सोनभद्र यूपी को सबसे ज्यादा राजस्व देने वाला जिला है, इसके बावजूद यहां न तो कैंसर की जांच की सुविधा है और न उपचार की। संभावित मरीजों को वाराणसी, प्रयागराज या अन्य बड़े शहरों की दौड़ लगानी पड़ती है। समय से जांच न होने से कई मामले गंभीर स्थिति में पहुंच जाते हैं।
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मुंह के कैंसर के प्रारंभिक लक्षण
मुंह का कैंसर होने से पहले कुछ लक्षण दिखाई देते हैं, जिसे पूर्वावस्था कहते हैं। यही लक्षण आगे चलकर कैंसर पैदा करते हैं। इसके तहत मुंह में लाल मखमली छाले हो सकते हैं। मुंह पूरा खोलने में कठिनाई होती है। तीखा, मसालेदार खाने पर मुंह में जलन होता है। मुंह अंदर का रंग सफेद हो जाता है। मुंह में कई ऐसे जख्म होते हैं, जो लगातार बढ़ते ही जाते हैं। वहीं, शरीर के अन्य अंगों में लंबे समय से किसी प्रकार का दर्द रहित गांठ है तो उसकी भी जांच करानी चाहिए।
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कैंसर से बचाव के लिए यह करें::
0 धूम्रपान, तंबाकू, सुपारी, गुटखा और शराब का सेवन न करें। ये कई प्रकार के कैंसर का खतरा बढ़ाते हैं।
0 अपने भोजन में खूब फल, सब्जियां, साबुत अनाज और दालें शामिल करें। उच्च कैलोरी वाले खाद्य पदार्थ और जंक फूड का सेवन कम करें।
0 प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट तक व्यायाम करें, जैसे कि पैदल चलना, दौड़ना या योग करना। शारीरिक रूप से सक्रिय रहना वजन को नियंत्रित करने में मदद करता है।
0 मोटापे से बचें, क्योंकि यह कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकता है।
0 सीधे धूप में जाने से बचें, खासकर सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे के बीच। सनस्क्रीन लगाएं, 0 प्लास्टिक के गर्म बर्तनों, कुछ हेयर डाई, पेंट और कीटनाशकों के संपर्क से बचें।

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वर्जन...
पुरुषों में मुंह व प्रोस्टेट कैंसर और महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर के मामले ज्यादा आ रहे हैं। जो लोग तंबाकू, सिगरेट, शराब का नियमित सेवन कर रहे हैं, वह समय-समय पर जांच कराते रहें। सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए जिले में किशोरियों काे मुफ्त टीका लगवाया जा रहा है। -डॉ. पंकज राय, सीएमओ।
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