डाला। ओबरा से डाला को आने वाली 132 केवी विद्युत सप्लाई का तार डाला क्षेत्र में टूट जाने के कारण डाला, ओबरा, चोपन समेत कोन क्षेत्र के 150 से अधिक गांवों में अंधेरा छा गया। शनिवार को पारेषण लाइन का मरम्मत कार्य कराया गया। करीब 17 घंटे बाद डाला, चोपन और क्रशर प्लांटों की बिजली आपूर्ति बहाल हुई। आपूर्ति बाधित होने से शनिवार की सुबह लोगों को काफी परेशानी का सामना करना प़ड़ा। जिले में तीन-चार दिनों से मौसम में हो रहा पल-पल बदलाव के कारण कभी आसमान में बादल छाया रह रहा है तो कभी तेज धूप निकल रहा है।शुक्रवार की रात में भी मौसम ने करवट ली और तेज चमक गरज के साथ बारिश हुई। 11 बजे के बाद रात में रूक रूक कर करीब दो से ढाई घंटे तक बारिश हुई। बताया जा रहा है कि इसी बीच विद्युत सप्लाई भी बाधित हो गई। आपूर्ति बहाल नहीं होने पर जब उपभोक्ताओं ने बिजली निगम के अवर अभियंता संजय सिंह से वार्ता की तो पता चला कि रात में बारिश के दौरान अल्ट्राटेक सीमेन्ट फैक्ट्री के बगल में स्थित पहाड़ी पर लगा 132 केवी का विद्युत सप्लाई तार टूट गया है। इससे डाला विद्युत सब स्टेशन से 33 केवी की जाने वाली विद्युत सप्लाई डाला, ओबरा, चोपन, कोन एवं जवारीडांड की रात से ही बिजली सप्लाई बंद है। शनिवार की सुबह पारेषण विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में 132 केवी के टूटे तार के मरम्मत का काम शुरू हुआ। शाम को करीब चार बजे डाला नगर पंचायत और शाम छह बजे के बाद ओबर, डाला क्षेत्र में संचालित करीब 250 क्रसर प्लांटो की बिजली सप्लाई शुरू हो सकी। देर शाम तक अन्य क्षेत्रों की आपूर्ति बहाल करने में विभागीय अधिकारी और कर्मचारी जुटे रहे। दिन में पहले पारेषण विभाग के चीफ प्रयागराज सुवेंदु सिंह, एसी वाराणसी डीसी दीक्षित, एसी मिर्जापुर पीआर सिंह और अधिशासी अभियंता सोनभद्र इंद्रभान सिंह ने मौके का निरीक्षण किया।