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मुख्यमंत्री से मिलने की तमन्ना नहीं हो सकी पूरी
Updated Thu, 13 Sep 2018 11:13 PM IST
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सोनभद्र। राबर्ट्र्सगंज ब्लॉक के बहुअरा गांव के मुसहर बस्ती का बुधवार को सीएम योगी आदित्यनाथ ने निरीक्षण करने के लिए पहुंचे थे। यहां के रहवासियों की तमन्ना थी कि वे लोग मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी समस्याओं को अवगत कराएंगे। लेकिन सीएम के पहुंचने से घंटे भर पूर्व ही प्रशासनिक अधिकारियों ने अधिकांश ग्रामीणों को उनके घरों में ही नजरबंद कर दिया था। सीएम के चले के जाने के बाद सभी को घरों के बाहर निकलने दिया गया। इस नाते ग्रामीणों की मंशा पूरी नहीं हो सकी। इसका ग्रामीणों के मन में मलाल है।
बहुअरा के मुसहर बस्ती में दोपहर 2.14 बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ निरीक्षण करने के लिए पहुंचे थे। यहां 36 मिनट तक सीएम रहे। बावजूद इसके अधिकांश ग्रामीण मुख्यमंत्री से मिल नहीं सके। इसका खुलासा बृहस्पतिवार को अमर उजाला टीम के समक्ष मुसहर बस्ती के रहने वाले मराहू ने किया। मराहू ने कहा कि सीएम के आने के एक घंटे पूर्व ही उसके साथ ही आसपास के लोगों को घरों में कैद कर दिया गया था। जब सीएम चले गए तो उन लोगों को घरों के बाहर निकलने दिया गया। कहा कि वह सीएम से मिलकर सरकारी भूमि बस्ती के लोगों को पट्टा करने की मांग करने वाला था। धनराज ने कहा कि सरकार गरीबों को सिलेंडर, बिजली, आवास दे रही है, लेकिन गरीब उपभोक्ता बिजली का बिल जमा नहीं कर पा रहे है। सोचा था कि सीएम से मिलकर गरीबों का बिजली का बिल माफ करने की मांग करूंगा। लेकिन ऐसा करने का मौका नहीं मिला। मंजू देवी ने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए योजना संचालित करने की मांग करती। लेकिन बस्ती में मुख्यमंत्री आए और उनसे मिल कर समस्याओं को अवगत नहीं करा सकी, इस बात का उसको हमेशा मलाल रहेगा। प्रेमा कहती है कि सीएम से बस्ती के लोगों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए आरओ प्लांट लगाए जाने की मांग करने का निर्णय ली थी। लेकिन वह अपनी मांग सीएम से नहीं कर सकी।
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बहुअरा के मुसहर बस्ती में दोपहर 2.14 बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ निरीक्षण करने के लिए पहुंचे थे। यहां 36 मिनट तक सीएम रहे। बावजूद इसके अधिकांश ग्रामीण मुख्यमंत्री से मिल नहीं सके। इसका खुलासा बृहस्पतिवार को अमर उजाला टीम के समक्ष मुसहर बस्ती के रहने वाले मराहू ने किया। मराहू ने कहा कि सीएम के आने के एक घंटे पूर्व ही उसके साथ ही आसपास के लोगों को घरों में कैद कर दिया गया था। जब सीएम चले गए तो उन लोगों को घरों के बाहर निकलने दिया गया। कहा कि वह सीएम से मिलकर सरकारी भूमि बस्ती के लोगों को पट्टा करने की मांग करने वाला था। धनराज ने कहा कि सरकार गरीबों को सिलेंडर, बिजली, आवास दे रही है, लेकिन गरीब उपभोक्ता बिजली का बिल जमा नहीं कर पा रहे है। सोचा था कि सीएम से मिलकर गरीबों का बिजली का बिल माफ करने की मांग करूंगा। लेकिन ऐसा करने का मौका नहीं मिला। मंजू देवी ने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए योजना संचालित करने की मांग करती। लेकिन बस्ती में मुख्यमंत्री आए और उनसे मिल कर समस्याओं को अवगत नहीं करा सकी, इस बात का उसको हमेशा मलाल रहेगा। प्रेमा कहती है कि सीएम से बस्ती के लोगों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए आरओ प्लांट लगाए जाने की मांग करने का निर्णय ली थी। लेकिन वह अपनी मांग सीएम से नहीं कर सकी।
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