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उपेक्षा से धूंधली हो गई है राजकीय स्तंभ पर संविधान की प्रस्तावना
Updated Thu, 09 Aug 2018 01:08 AM IST
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घोरावल। आजादी की लड़ाई के अमर सेनानियों की स्मृति में घोरावल नगर में स्थापित राजकीय स्तंभ बदहाल स्थिति में पड़ा हुआ है। 45 वर्ष पूर्व स्थापित स्वतंत्रता संग्राम का यह स्मृति चिह्न उपेक्षा का शिकार हो चुका है। हुक्मरानों की निगाहें इधर न पड़ने से लोगों में असंतोष है। ब्रिटिश हुकूमत से भारत को स्वतंत्र कराने की लड़ाई के दौरान घोरावल ब्लॉक के तमाम तरुणों व नौजवानों ने भी स्वयं को माता भारती के चरणों में समर्पित कर दिया था। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, सुभाष चंद्र बोस, सरदार वल्लभ भाई पटेल, जवाहरलाल नेहरू इत्यादि आजादी के महानायकों से प्रेरणा लेकर घोरावल ब्लॉक के भी आधा दर्जन वीर बांकुरे नौजवानों ने स्वतंत्रता की अलख क्षेत्र में जगाई थी ।
भारतमाता के इन महान सपूतों में चंदर सिंह, गोपाल लाल उर्फ गोपीलाल, राम मनोहर शुक्ला, शिव ललित, शारदा प्रसाद सिंह एवं झिंगई राम शामिल हैं। हिंदुस्तान की आजादी की लड़ाई के 25 वर्ष पूरे होने पर वर्ष 1973 में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की स्मृति में घोरावल नगर के मेन तिराहे पर एक संविधान सभा स्तंभ स्थापित किया गया। यह स्तंभ केशरिया, श्वेत एवं हरे रंग से पेंट किया गया है। इस संविधान सभा स्तंभ पर एक तरफ घोरावल ब्लॉक के सभी छह स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का नाम अंकित किया गया है। वहीं दूसरी तरफ प्रस्तावना के रूप में भारतीय संविधान के मूल्यों संप्रभुता, राष्ट्र की अखंडता, सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, न्याय, स्वतंत्रता, समता, बंधुता इत्यादि का अंकन किया गया है। यह राजकीय स्तंभ अपने स्थापना के बाद लंबे अरसे तक दुर्दशा का शिकार रहा। करीब तीस वर्षों तक यह जर्जर अवस्था में गंदगी के बीच उपेक्षित पड़ा रहा। सन 2009 में घोरावल के तत्कालीन नगर पंचायत अध्यक्ष राकेश कुमार के प्रयासों से 12 वां वित्त आयोग द्वारा मंजूर राशि से इस ऐतिहासिक संविधान सभा स्तंभ का सुंदरीकरण एव जीर्णोद्धार कराया गया। वर्तमान समय में यह तिरंगा संविधान सभा स्तंभ उपेक्षित हो चुका है। इस पर अंकित संविधान की प्रस्तावना काफी धुंधली हो चुकी है और इसके अक्षर साफ तौर पर नही पढ़े जा सकते हैं।केशरिया, श्वेत एवे हरे रंग में रंगे इस स्तंभ के रंग एकदम उधड़ गए हैं। लगता है जैसे कई वर्षों से इसकी पेंटिंग नही की गई है। इस पर लगा टाइल्स कई जगह से उखड़ गया है। इसके आस पास दोपहिया वाहनों के खड़े करने का अड्डा बन गया है और अतिक्रमित हो गया है।
घोरावल। उपजिलाधिकारी राजकुमार ने बताया कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की स्मृति में स्थापित यह संविधान सभा स्तंभ हमारी बेहद महत्वपूर्ण धरोहर है। इसकी हालत उनके संज्ञान में है। इसके लिए उन्होंने नगर पंचायत से संपर्क किया है। 15 अगस्त के पूर्व इसकी नई पेंटिंग कर दी जाएगी और इसकी कमियों को दुरुस्त कर दिया जाएगा।
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भारतमाता के इन महान सपूतों में चंदर सिंह, गोपाल लाल उर्फ गोपीलाल, राम मनोहर शुक्ला, शिव ललित, शारदा प्रसाद सिंह एवं झिंगई राम शामिल हैं। हिंदुस्तान की आजादी की लड़ाई के 25 वर्ष पूरे होने पर वर्ष 1973 में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की स्मृति में घोरावल नगर के मेन तिराहे पर एक संविधान सभा स्तंभ स्थापित किया गया। यह स्तंभ केशरिया, श्वेत एवं हरे रंग से पेंट किया गया है। इस संविधान सभा स्तंभ पर एक तरफ घोरावल ब्लॉक के सभी छह स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का नाम अंकित किया गया है। वहीं दूसरी तरफ प्रस्तावना के रूप में भारतीय संविधान के मूल्यों संप्रभुता, राष्ट्र की अखंडता, सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, न्याय, स्वतंत्रता, समता, बंधुता इत्यादि का अंकन किया गया है। यह राजकीय स्तंभ अपने स्थापना के बाद लंबे अरसे तक दुर्दशा का शिकार रहा। करीब तीस वर्षों तक यह जर्जर अवस्था में गंदगी के बीच उपेक्षित पड़ा रहा। सन 2009 में घोरावल के तत्कालीन नगर पंचायत अध्यक्ष राकेश कुमार के प्रयासों से 12 वां वित्त आयोग द्वारा मंजूर राशि से इस ऐतिहासिक संविधान सभा स्तंभ का सुंदरीकरण एव जीर्णोद्धार कराया गया। वर्तमान समय में यह तिरंगा संविधान सभा स्तंभ उपेक्षित हो चुका है। इस पर अंकित संविधान की प्रस्तावना काफी धुंधली हो चुकी है और इसके अक्षर साफ तौर पर नही पढ़े जा सकते हैं।केशरिया, श्वेत एवे हरे रंग में रंगे इस स्तंभ के रंग एकदम उधड़ गए हैं। लगता है जैसे कई वर्षों से इसकी पेंटिंग नही की गई है। इस पर लगा टाइल्स कई जगह से उखड़ गया है। इसके आस पास दोपहिया वाहनों के खड़े करने का अड्डा बन गया है और अतिक्रमित हो गया है।
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घोरावल। उपजिलाधिकारी राजकुमार ने बताया कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की स्मृति में स्थापित यह संविधान सभा स्तंभ हमारी बेहद महत्वपूर्ण धरोहर है। इसकी हालत उनके संज्ञान में है। इसके लिए उन्होंने नगर पंचायत से संपर्क किया है। 15 अगस्त के पूर्व इसकी नई पेंटिंग कर दी जाएगी और इसकी कमियों को दुरुस्त कर दिया जाएगा।
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