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वितरण लाइनों में खराबी से उत्पादन लुढ़का
Updated Mon, 30 Apr 2018 10:28 PM IST
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अनपरा(सोनभद्र)। रविवार को प्रदेश में मौसम खराब होने से वितरण विभाग की लाइनों में आए फाल्ट से अनपरा परियोजना की सभी इकाईयों से सोमवार को लोड घटाना पड़ा। परियोजना के 2630 मेगावाट लक्ष्य के सापेक्ष सोमवार को उत्पादन लुढ़क कर 1542 मेगावाट पहुंच गया। इस परियोजना से 1088 मेगावाट की थर्मल बैकिंग की जा रही थी।
अनपरा परियोजना की 210 मेगावाट की पहली इकाई से सोमवार की सुबह120 मेगावाट, दूसरी इकाई से 128 मेगावाट, तीसरी इकाई से 125 मेगावाट, 500 मेगावाट की चौथी इकाई से 296 मेगावाट, पांचवीं इकाई से 297, छठवीं से 287 व सातवीं इकाई से 289 मेगावाट विद्युत उत्पादन हो रहा था। इस दौरान 2630 मेगावाट के सापेक्ष 1542 मेगावाट थर्मल बैंकिग जारी थी जबकि शाम को पहली इकाई से 153, दूसरी से 140, तीसरी से 166, चौथी से 469, पांचवी से 413, छठवीं से 479 तथा सातवीं से 385 मेगावाट का उत्पादन किया जा रहा था। परियोजना प्रबंधन के अनुसार उत्तर प्रदेश में रविवार को आए आंधी-पानी व सोमवार की सुबह बरसात के कारण वितरण विभाग की लाइनें कई स्थानों से क्षतिग्रस्त हो गई थी। जिससे परियोजना का उत्पादन घटाना पड़ा। हालांकि परियोजना से लगातार थर्मल बैकिंग किए जानेे से मशीनों पर जहां विपरीत असर पड़ रहा है, वहीं कोयले की खपत पर भी असर पड़ रहा है।
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अनपरा परियोजना की 210 मेगावाट की पहली इकाई से सोमवार की सुबह120 मेगावाट, दूसरी इकाई से 128 मेगावाट, तीसरी इकाई से 125 मेगावाट, 500 मेगावाट की चौथी इकाई से 296 मेगावाट, पांचवीं इकाई से 297, छठवीं से 287 व सातवीं इकाई से 289 मेगावाट विद्युत उत्पादन हो रहा था। इस दौरान 2630 मेगावाट के सापेक्ष 1542 मेगावाट थर्मल बैंकिग जारी थी जबकि शाम को पहली इकाई से 153, दूसरी से 140, तीसरी से 166, चौथी से 469, पांचवी से 413, छठवीं से 479 तथा सातवीं से 385 मेगावाट का उत्पादन किया जा रहा था। परियोजना प्रबंधन के अनुसार उत्तर प्रदेश में रविवार को आए आंधी-पानी व सोमवार की सुबह बरसात के कारण वितरण विभाग की लाइनें कई स्थानों से क्षतिग्रस्त हो गई थी। जिससे परियोजना का उत्पादन घटाना पड़ा। हालांकि परियोजना से लगातार थर्मल बैकिंग किए जानेे से मशीनों पर जहां विपरीत असर पड़ रहा है, वहीं कोयले की खपत पर भी असर पड़ रहा है।
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