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कोहरे से घिरी सोनांचल की वादियां, गलन बढ़ी
Updated Mon, 01 Jan 2018 11:50 PM IST
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सोनभद्र। सोनांचल की वादियों में कोहरे और गलन के साथ कड़ाके की ठंड पड़ रही है। सुबह नौ बजे तक जिला मुख्यालय पर घने कोहरे से जनजीवन प्रभावित रहा। दिन में भी वाहन लाइन जलाकर चलते हुए दिखाई दिए। लोग मौसमी बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। सोमवार को कलेक्ट्रेट पर कंबल लेने के लिए भारी संख्या में पहुंची महिलाओं को निराश ही वापस जाना पड़ा।
पूर्व के वर्षों की तरह इस बार नवंबर मेें ठंड नहीं पड़ी लेकिन दिसंबर के आखिरी सप्ताह में इसकी भरपाई होती दिख रही है। अब कड़ाके की ठंड पड़ने लगी है। नये साल के पहली सुबह का आगाज ही घने कोहरे के साथ हुआ। सुबह करीब नौ बजे तक आसमान में घना कोहरा छाया रहा। स्थिति यह रही कि करीब सौ मीटर दूर तक कुछ नजर ही नहीं आया। कोहरे के साथ शीतलहरी और गलन रही। पूरे दिन लोग गर्म वस्त्र से ढके हुए थे। कड़ाके की ठंड से तमाम लोग कोल्ड डायरिया से पीड़ित हो रहे हैं। जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पीबी गौतम का कहना है कि ठंड ज्यादा पड़ रही है। इसमें बच्चों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। कोल्ड डायरिया के स्थिति में तत्काल डॉक्टरों से संपर्क करें। कमरे को गर्म रखने का प्रयास करें। खलियारी प्रतिनिधि के अनुसार नक्सल प्रभावित क्षेत्र रामपुर, चौरा, चरगड़ा, मड़पा, खोड़ैला, बड़ैला, दरेव, देवहार, बांकी, सूअरसोत समेत तमाम गांवों में ठंड से निजात के लिए अलाव नहीं जलवाये जा रहे हैं। इससे लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
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पूर्व के वर्षों की तरह इस बार नवंबर मेें ठंड नहीं पड़ी लेकिन दिसंबर के आखिरी सप्ताह में इसकी भरपाई होती दिख रही है। अब कड़ाके की ठंड पड़ने लगी है। नये साल के पहली सुबह का आगाज ही घने कोहरे के साथ हुआ। सुबह करीब नौ बजे तक आसमान में घना कोहरा छाया रहा। स्थिति यह रही कि करीब सौ मीटर दूर तक कुछ नजर ही नहीं आया। कोहरे के साथ शीतलहरी और गलन रही। पूरे दिन लोग गर्म वस्त्र से ढके हुए थे। कड़ाके की ठंड से तमाम लोग कोल्ड डायरिया से पीड़ित हो रहे हैं। जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पीबी गौतम का कहना है कि ठंड ज्यादा पड़ रही है। इसमें बच्चों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। कोल्ड डायरिया के स्थिति में तत्काल डॉक्टरों से संपर्क करें। कमरे को गर्म रखने का प्रयास करें। खलियारी प्रतिनिधि के अनुसार नक्सल प्रभावित क्षेत्र रामपुर, चौरा, चरगड़ा, मड़पा, खोड़ैला, बड़ैला, दरेव, देवहार, बांकी, सूअरसोत समेत तमाम गांवों में ठंड से निजात के लिए अलाव नहीं जलवाये जा रहे हैं। इससे लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
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