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फ्लाईओवर के नीचे बना दिए दूकान और गोदाम
Updated Fri, 11 Aug 2017 11:23 PM IST
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सोनभद्र । राबर्ट्सगंज नगर में बने तीन किमी लंबे फ्लाईओवर के नीचे दूकानदार और अन्य लोग अवैध रूप से कब्जा किए हुए हैं। किसी ने इसके नीचे दूकान खोल दी है तो किसी ने गोदाम बना लिया है। इसके नीचे तबेला से लेकर जाली तक लगा दी गई है। चाय पान की अनगिनत दूकानें हर रोज खुलने लगी है। सरकारी जमीन पर खुले व्यवसायिक प्रतिष्ठान खुलने से कब्जाधारियों को आमदनी तो होने लगी लेकिन अचानक खतरा भी बढ़ गया है। अफसरों के निरीक्षण और अवैध कब्जा हटाने के चेतावनी के बावजूद अतिक्रमण नासूर बनने लगा।
राबर्ट्सगंज नगर में तीन किमी लंबे फ्लाई ओवर का निर्माण शुरू हुआ तो लोगों ने यह सोच कर राहत की सांस ली थी कि अब सड़क हादसों में मौत का आंकड़ा धड़ाम हो जाएगा। लेकिन फ्लाईओवर बनने के बाद उसके नीचे की जमीन अतिक्रमणकारियों ने घेरनी शुरू की तो स्थिति बदरंग हो गई। चंडी तिराहा से इमिरति कालोनी से पहले तक फ्लाई ओवर के नीचे की जमीन घेरने की होड़ मच गई। गरीब तो गरीब, प्रतिमाह लाखों का व्यवसाय करने वाले भी अतिक्रमण करने में पीछे नहीं रहे। किसी ने टेंट हाउस का सामना सजा दिया तो किसी ने मार्बल रखकर जमीन को घेर लिया। कबाड़ी भी पीछे नहीं रहे और टीम शेड से जमीन घेरकर कबाड़ रखने लगे। यह सब देख मोटर मिस्त्री कैसे पीछे रहते, वे भी चेचिस खड़ा कर ट्रक की बाडी बनाने का काम इसी फ्लाईओवर के नीचे करने लगे।
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राबर्ट्सगंज नगर में तीन किमी लंबे फ्लाई ओवर का निर्माण शुरू हुआ तो लोगों ने यह सोच कर राहत की सांस ली थी कि अब सड़क हादसों में मौत का आंकड़ा धड़ाम हो जाएगा। लेकिन फ्लाईओवर बनने के बाद उसके नीचे की जमीन अतिक्रमणकारियों ने घेरनी शुरू की तो स्थिति बदरंग हो गई। चंडी तिराहा से इमिरति कालोनी से पहले तक फ्लाई ओवर के नीचे की जमीन घेरने की होड़ मच गई। गरीब तो गरीब, प्रतिमाह लाखों का व्यवसाय करने वाले भी अतिक्रमण करने में पीछे नहीं रहे। किसी ने टेंट हाउस का सामना सजा दिया तो किसी ने मार्बल रखकर जमीन को घेर लिया। कबाड़ी भी पीछे नहीं रहे और टीम शेड से जमीन घेरकर कबाड़ रखने लगे। यह सब देख मोटर मिस्त्री कैसे पीछे रहते, वे भी चेचिस खड़ा कर ट्रक की बाडी बनाने का काम इसी फ्लाईओवर के नीचे करने लगे।
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