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Sonebhadra News: जान बचाने के लिए मगरमच्छ से भिड़ा 12 वर्षीय बालक, 15 मिनट तक अकेले जूझता रहा
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कोतवाली क्षेत्र के पेढ़ ग्राम पंचायत की नौगढ़वा बस्ती में शनिवार को भलुआ बंधी में 12 वर्षीय बालक मगरमच्छ से भिड़ गया। मवेशियों को बाहर निकालने के लिए बंधी में उतरे बालक पर मगरमच्छ ने हमला बोल दिया था। करीब 15 मिनट तक बालक अकेले ही मगरमच्छ से जूझता रहा। बाद में पहुंचे ग्रामीणों ने लाठी-डंडे से हमला शुरू किया तो मगरमच्छ बालक को छोड़कर पानी में भाग गया। घायल बालक को घोरावल सीएचसी में भर्ती कराया गया है। उसे 20 टांके लगे हैं।
पेढ़ ग्राम पंचायत निवासी अजीत का पुत्र रमेश (12) शनिवार की सुबह नौगढ़वा बस्ती में भलुआ बंधी के पास मवेशी चरा रहा था। आसपास अन्य चरवाहे भी मवेशी चरा रहे थे। रमेश के कुछ मवेशी पानी पीने के लिए बंधी में उतर गए। थोड़ी देर बाद रमेश मवेशियों को पानी में से बाहर निकालने के लिए बंधी में उतर गया। इसी दौरान पीछे से आए एक मगरमच्छ ने उसके बाएं पैर को अपने मुंह में जकड़ लिया और पानी में खींचने लगा। जान खतरे में देख रमेश बहादुरी दिखाते हुए मगरमच्छ से भिड़ गया।
करीब 15 मिनट तक मगरमच्छ से वह अकेले ही जूझता रहा। उसने अपने हाथों को मगरमच्छ के जबड़े में डाल दिया और जबड़ा खोलकर खुद को छुड़ाने का प्रयास करने लगा। इसी बीच चीख पुकार सुनकर आसपास के चरवाहे बंधी में उतरे और मगरमच्छ के चंगुल से उसे छुड़ाने लगे। चरवाहों ने लाठी डंडे से पीट-पीट कर बड़ी मुश्किल से मगरमच्छ के चंगुल से बालक को मुक्त कराया। करीब 10 मिनट तक चरवाहे भी मगरमच्छ से जूझते रहे।
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घटना की जानकारी होने पर ग्राम प्रधान सुभाष सिंह पटेल मौके पर पहुंचे और गंभीर रूप से जख्मी रमेश को घोरावल सीएचसी में भर्ती कराया। उपचार कर रहे डॉ. देवेश पांडेय ने बताया कि मगरमच्छ के हमले में बालक का बायां पैर और एक हाथ ज्यादा चोट आई है। उसे 20 टांके लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि बालक को अस्पताल में भर्ती कर उपचार किया जा रहा है। उसकी हालत खतरे से बाहर है।
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बालक को आर्थिक मदद दिलाएगा वन विभाग
वन क्षेत्राधिकारी सुरजू प्रसाद ने बताया कि मगरमच्छ के हमले में घायल रमेश का मामला उनके संज्ञान में है। पीड़ित परिवार से घटना की जानकारी ली गई है। इस संबंध में डीएफओ को रिपोर्ट भेजा जाएगा और पीड़ित बालक के उपचार के लिए नियमानुसार आर्थिक मदद दी जाएगी। उन्होंने अपील किया कि ग्रामीण इलाकों में नदी-तालाब, जलाशयों के किनारे, खेतों और झाड़ियों के पास सावधानी पूर्वक आवागमन करें। लोग सतर्क रहें और कहीं भी मगरमच्छ दिखाई दे तो तत्काल वन विभाग को सूचना दें।
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मगरमच्छ के हमले से दो की जा चुकी है जान, आठ हुए हैं घायल
घोरावल तहसील क्षेत्र के कई गांवों के तालाबों, बंधियों में आए दिन तालाब किनारे पानी पीने के लिए जाने वाले पशुओं को मगरमच्छ अपना निवाला बना चुके हैं। विभिन्न घटनाओं में अब तक पड़वनिया गांव में तालाब किनारे शौच करने गई संजू (20) पुत्री रामविलास कोल की मगरमच्छ के हमले में मौत हो गई थी। बीते 7 नवंबर 2022 को उभ्भा चौकी अंतर्गत मूर्तियां गांव में सोमवार को तालाब किनारे भैंसों को पानी पिलाने गया चरवाहा मूर्तियां ग्राम पंचायत निवासी सुद्धन (50) की मगरमच्छ के हमले में मौत हो गई। इसके अलावा विभिन्न घटनाओं में तेंदुहार निवासी अमृतलाल यादव (45), बैजनाथ गांव निवासी सन्नू पाल (60), मूर्तियां निवासी सोनू सिंह गुर्जर (12) पुत्र सुरेश सिंह, इमलीपोखर गांव निवासी गोविंद प्रसाद (30), बभनी गांव निवासी राम आसरे गोड़ (22), बभनी में ही शिवकुमारी (45), मोहनी गांव निवासी कलिंदर (24), धरमौली गांव निवासी सुशील कुमार मौर्या (28) मगरमच्छ के हमले में गंभीर रूप से जख्मी हो चुके हैं।
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पेढ़ ग्राम पंचायत निवासी अजीत का पुत्र रमेश (12) शनिवार की सुबह नौगढ़वा बस्ती में भलुआ बंधी के पास मवेशी चरा रहा था। आसपास अन्य चरवाहे भी मवेशी चरा रहे थे। रमेश के कुछ मवेशी पानी पीने के लिए बंधी में उतर गए। थोड़ी देर बाद रमेश मवेशियों को पानी में से बाहर निकालने के लिए बंधी में उतर गया। इसी दौरान पीछे से आए एक मगरमच्छ ने उसके बाएं पैर को अपने मुंह में जकड़ लिया और पानी में खींचने लगा। जान खतरे में देख रमेश बहादुरी दिखाते हुए मगरमच्छ से भिड़ गया।
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करीब 15 मिनट तक मगरमच्छ से वह अकेले ही जूझता रहा। उसने अपने हाथों को मगरमच्छ के जबड़े में डाल दिया और जबड़ा खोलकर खुद को छुड़ाने का प्रयास करने लगा। इसी बीच चीख पुकार सुनकर आसपास के चरवाहे बंधी में उतरे और मगरमच्छ के चंगुल से उसे छुड़ाने लगे। चरवाहों ने लाठी डंडे से पीट-पीट कर बड़ी मुश्किल से मगरमच्छ के चंगुल से बालक को मुक्त कराया। करीब 10 मिनट तक चरवाहे भी मगरमच्छ से जूझते रहे।
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घटना की जानकारी होने पर ग्राम प्रधान सुभाष सिंह पटेल मौके पर पहुंचे और गंभीर रूप से जख्मी रमेश को घोरावल सीएचसी में भर्ती कराया। उपचार कर रहे डॉ. देवेश पांडेय ने बताया कि मगरमच्छ के हमले में बालक का बायां पैर और एक हाथ ज्यादा चोट आई है। उसे 20 टांके लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि बालक को अस्पताल में भर्ती कर उपचार किया जा रहा है। उसकी हालत खतरे से बाहर है।
बालक को आर्थिक मदद दिलाएगा वन विभाग
वन क्षेत्राधिकारी सुरजू प्रसाद ने बताया कि मगरमच्छ के हमले में घायल रमेश का मामला उनके संज्ञान में है। पीड़ित परिवार से घटना की जानकारी ली गई है। इस संबंध में डीएफओ को रिपोर्ट भेजा जाएगा और पीड़ित बालक के उपचार के लिए नियमानुसार आर्थिक मदद दी जाएगी। उन्होंने अपील किया कि ग्रामीण इलाकों में नदी-तालाब, जलाशयों के किनारे, खेतों और झाड़ियों के पास सावधानी पूर्वक आवागमन करें। लोग सतर्क रहें और कहीं भी मगरमच्छ दिखाई दे तो तत्काल वन विभाग को सूचना दें।
मगरमच्छ के हमले से दो की जा चुकी है जान, आठ हुए हैं घायल
घोरावल तहसील क्षेत्र के कई गांवों के तालाबों, बंधियों में आए दिन तालाब किनारे पानी पीने के लिए जाने वाले पशुओं को मगरमच्छ अपना निवाला बना चुके हैं। विभिन्न घटनाओं में अब तक पड़वनिया गांव में तालाब किनारे शौच करने गई संजू (20) पुत्री रामविलास कोल की मगरमच्छ के हमले में मौत हो गई थी। बीते 7 नवंबर 2022 को उभ्भा चौकी अंतर्गत मूर्तियां गांव में सोमवार को तालाब किनारे भैंसों को पानी पिलाने गया चरवाहा मूर्तियां ग्राम पंचायत निवासी सुद्धन (50) की मगरमच्छ के हमले में मौत हो गई। इसके अलावा विभिन्न घटनाओं में तेंदुहार निवासी अमृतलाल यादव (45), बैजनाथ गांव निवासी सन्नू पाल (60), मूर्तियां निवासी सोनू सिंह गुर्जर (12) पुत्र सुरेश सिंह, इमलीपोखर गांव निवासी गोविंद प्रसाद (30), बभनी गांव निवासी राम आसरे गोड़ (22), बभनी में ही शिवकुमारी (45), मोहनी गांव निवासी कलिंदर (24), धरमौली गांव निवासी सुशील कुमार मौर्या (28) मगरमच्छ के हमले में गंभीर रूप से जख्मी हो चुके हैं।