{"_id":"5bedbeecbdec22561b64490a","slug":"11542307564-sonebhadra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"काश्तकारी पट्टा देने की मांग को लेकर दिया धरना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
काश्तकारी पट्टा देने की मांग को लेकर दिया धरना
Updated Fri, 16 Nov 2018 12:32 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोनभद्र। नगवां बांध के डूब क्षेत्र में काश्तकारी पट्टा देने की मांग को लेकर शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में बचपन बचाओ आंदोलन के बैनर तले ग्रामीणों ने धरना दिया। उन्होंने डीएम को सीएम के नाम आठ सूत्री मांगपत्र सौंपा।
वक्ताओं ने कहा कि नगवां बांध के डूब क्षेत्र में पिछले 25 वर्षों से काश्तकारी पट्टा नहीं किया गया है। जबकि शासनादेश है कि पंचवर्षीय पट्टा होना चाहिए। सिंचाई विभाग के कर्मियों की मिलीभगत से कई किसान-जमींदार लोग बांध की भूमि पर अवैध कब्जा जमाए हुए है। शासन प्रशासन कजियारी, गोंगा, धोबी, सूअरसोत, मांची समेत अन्य गांवों के गरीबों को उपेक्षित किया जा रहा है। पुलिस बल के साथ पट्टाधारकों को उनकी भूमि पर कब्जा दिलाया जाए। सरकार की ओर से संचालित योजनाओं में की जा रही धांधली की जांच करवा कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। श्रीकृष्ण जायसवाल, रामजनम कुशवाहा, हिरालाल, रामजीत, बबुंदर, सुशील, अमरनाथ, सत्य नारायण, रामजनम, बहादुर, सुरेश आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
वक्ताओं ने कहा कि नगवां बांध के डूब क्षेत्र में पिछले 25 वर्षों से काश्तकारी पट्टा नहीं किया गया है। जबकि शासनादेश है कि पंचवर्षीय पट्टा होना चाहिए। सिंचाई विभाग के कर्मियों की मिलीभगत से कई किसान-जमींदार लोग बांध की भूमि पर अवैध कब्जा जमाए हुए है। शासन प्रशासन कजियारी, गोंगा, धोबी, सूअरसोत, मांची समेत अन्य गांवों के गरीबों को उपेक्षित किया जा रहा है। पुलिस बल के साथ पट्टाधारकों को उनकी भूमि पर कब्जा दिलाया जाए। सरकार की ओर से संचालित योजनाओं में की जा रही धांधली की जांच करवा कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। श्रीकृष्ण जायसवाल, रामजनम कुशवाहा, हिरालाल, रामजीत, बबुंदर, सुशील, अमरनाथ, सत्य नारायण, रामजनम, बहादुर, सुरेश आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन