{"_id":"5b916ed4867a5501346c2175","slug":"11536257748-sonebhadra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"छात्राओं ने सीखे आसनों के गुर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छात्राओं ने सीखे आसनों के गुर
Updated Thu, 06 Sep 2018 11:54 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोनभद्र। योग वेलनेस सेंटर राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय लोढ़ी के तत्वावधान में पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय आश्रम पद्धति बालिका इंटर कॉलेज उरमौरा में सात दिवसीय योग शिविर शुरू हो गया। इसमें सेंटर के योग प्रशिक्षक अभिषेक सिंह ने छात्राओं के योग के विभिन्न आयामों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने तड़ासन, त्रिकोणासन, कोणासन, सूर्य नमस्कार की विधि बताया।
बुधवार को शुरू हुए प्रशिक्षण में प्रशिक्षक ने कहा कि आजकल बचपन से ही बच्चों पर पढ़ाई का बोझ होता है। बचपन से ही उनमें प्रतियोगिता की भावना भर दी जाती है। ऐसे में जब वह हारते हैं तो इससे उन्हें आघात पहुंचता है और इससे उनका मन कमजोर हो जाता है। ऐसे में विद्यार्थियों को पढ़ाई के शुरुआती दौर में योग की शिक्षा देना बहुत ही जरूरी होता है। इससे उनकी सहनशीलता बढ़ती है, उनका मन शक्तिशाली होता है। आसन करने से कमर एवं पसलियों के दर्द में राहत मिलती है। कद में वृद्धि होती है। शरीर सुंदर और सुडौल बनता है। हृदय और फेफड़ा मजबूत होता है। इससे शुद्ध रक्त मस्तिष्क को मिलता है, जिससे आंख, कान, नाक को आरोग्य मिलता है। थॉयराइड व मोटापे को कम करता है। यहां विद्यालय की प्रधानाध्यापिका कल्पना सिन्हा, योग सहायक अरुण सिंह, हेमलता मिश्रा, जोहरा फातिमा, रत्ना, आकांक्षा, रश्मि, शिखा, कुसुम यादव, शिल्पी, किरन, सदरूल हुदा, कपिल राम, रामलाल आदि रहे।
विज्ञापन
बुधवार को शुरू हुए प्रशिक्षण में प्रशिक्षक ने कहा कि आजकल बचपन से ही बच्चों पर पढ़ाई का बोझ होता है। बचपन से ही उनमें प्रतियोगिता की भावना भर दी जाती है। ऐसे में जब वह हारते हैं तो इससे उन्हें आघात पहुंचता है और इससे उनका मन कमजोर हो जाता है। ऐसे में विद्यार्थियों को पढ़ाई के शुरुआती दौर में योग की शिक्षा देना बहुत ही जरूरी होता है। इससे उनकी सहनशीलता बढ़ती है, उनका मन शक्तिशाली होता है। आसन करने से कमर एवं पसलियों के दर्द में राहत मिलती है। कद में वृद्धि होती है। शरीर सुंदर और सुडौल बनता है। हृदय और फेफड़ा मजबूत होता है। इससे शुद्ध रक्त मस्तिष्क को मिलता है, जिससे आंख, कान, नाक को आरोग्य मिलता है। थॉयराइड व मोटापे को कम करता है। यहां विद्यालय की प्रधानाध्यापिका कल्पना सिन्हा, योग सहायक अरुण सिंह, हेमलता मिश्रा, जोहरा फातिमा, रत्ना, आकांक्षा, रश्मि, शिखा, कुसुम यादव, शिल्पी, किरन, सदरूल हुदा, कपिल राम, रामलाल आदि रहे।
विज्ञापन